बांदा। जान से मारने की धमकी देने के मामले में सीजेएम ने विवेचनाधिकारी द्वारा लगाई गई फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर पूर्व मंत्री सहित एसडीएम, पुलिस उपाधीक्षक व थानाध्यक्ष को न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव निवासी फैजान खां ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसके पिता के नाम निजी कब्रिस्तान की जमीन पर आरईएस अभियंता विधायक निधि से लोक कला मंच का निर्माण करा रहे थे। वर्ष 2001 में तत्कालीन विधायक शिवशंकर सिंह पटेल ने इसके निर्माण के लिए अपनी निधि से धनराशि दी थी। इस पर 19 नवंबर 2001 को जिला जज की न्यायालय से स्थगन आदेश मिल गया था।
इससे बौखला कर शिवशंकर सिंह पटेल, तत्कालीन उप जिलाधिकारी (बबेरू), पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय मोहन श्रीवास्तव, कोतवाली प्रभारी वीके श्रीवास्तव व अशफाक हुसैन पुत्र इकबाल बहादुर आदि ने विवादित जमीन पर निर्माण शुरू कर दिया। उसने विरोध किया तो एसडीएम ने अभद्रता की और हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
फैजान द्वारा सीजेएम की अदालत में दायर की गई प्रोटेस्ट याचिका पर सीजेएम राजेश कुमार ने अपने आदेश में फाइनल रिपोर्ट निरस्त करते हुए सभी आरोपियों को धारा 447, 504 व 506 आईपीसी के मामले में 25 नवंबर को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।