आर्थिक तंगी से परेशान मजदूर ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उस पर साहूकारों का करीब 50 हजार रुपये का कर्ज था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। एक अन्य घटना में युवक ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की।
शहर कोतवाली क्षेत्र के पल्हरी गांव निवासी हरीशंकर (32) पुत्र दद्दू प्रजापति मजदूरी करके परिवार पालता था। उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। सोमवार को शाम काम से लौटने पर मां फूलमती ने उसे खाना खिलाया। खाने के बाद वह अलग कमरे में लेट गया। रात को खपरैल में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी पर झूल गया। पुलिस ने शव फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के पिता दद्दू प्रजापति ने बताया कि हरीशंकर रोज शहर में मजदूरी की तलाश में जाता था। अक्सर काम न मिलने पर लौटना पड़ता था। आर्थिक तंगी से उस पर साहूकारों का करीब 50 हजार रुपये कर्ज था। पत्नी एक माह पहले मायके ऐला (अतर्रा) गांव चली गई थी।
साहूकार उससे रुपये का तगादा करने आते थे। इसी से परेशान उसने जान दे दी। उधर, स्वराज कालोनी निवासी संतोष (35) पुत्र नत्थू ने सोमवार की रात घर में फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजन घटना की वजह नहीं बता पाए।