अवैध खनन में पुलिस की लगातार हो रही किरकिरी के बाद अंतत: इसकी गाज शहर कोतवाली प्रभारी पर गिरी। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। इलाहाबाद से हाल ही में यहां तबादले पर आए हरी नारायण राय बांदा शहर के नए कोतवाल होंगे। इसके अलावा एसपी ने दो इंस्पेक्टरों समेत कई उप निरीक्षकों के तबादले किए।
बांदा शहर कोतवाली क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें तेजी से बढ़ी थीं। कोतवाली के अलावा चौकी पुलिस तक पर अवैध खनन में वसूली की शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार की शाम पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर ने बांदा कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अवैध खनन से भरे गए बालू के कुछ ट्रैक्टर कोतवाली पुलिस ने पकड़ने के बाद छोड़ दिए थे। यह गंभीर बात है। इन्हीं सब अनियमितताओं में कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है।
उधर, पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टर जानकी प्रसाद वर्मा को रिट सेल व विशेष प्रकोष्ठ को प्रभारी बनाया है। उप निरीक्षक अमान सिंह फतेहगंज क्षेत्र में एंटी डकैती कैंप, अजय कुमार राय को मर्दननाका चौकी, अजय सिंह को सिविल लाइन, संजय सिंह को बलखंडीनाका, बृजभूषण दुबे को खाईपार, लालजी सिंह को मंडी समिति, कृष्ण कुमार यादव को कृषि विश्वविद्यालय चौकी, राकेश सरोज को मुरवल, सुनील कुमार शुक्ला को गुढ़ा कलां, मथुरा प्रसाद चौबे को अकबरपुर और विजय सिंह को अतर्रा कस्बा चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है। दुर्विजय सिंह को पुलिस अधीक्षक का रीडर और आनंद कुमार सिंह को क्राइम ब्रांच की साइबर अपराध यूनिट में भेजा गया है।
अवैध खनन के लिए अवैध पुल
बांदा/करतल। तिंदवारी क्षेत्र के जौहरपुर गांव के प्रधान शिवभवन सिंह ने बुधवार को डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि यमुना नदी के पार फतेहपुर जिले में खनन पट्टा लेकर कुछ लोग जौहरपुर (बांदा) में अवैध खनन करा रहे हैं। इसके लिए यमुना नदी पर अवैध रूप से पुल भी बना लिया गया है। उधर, करतल के बरसड़ा-मानपुर गांव में भी अवैध पुल बनाकर केन नदी की जल धारा रोक दी गई है।
जलधारा रुकने से नदी की मछलियां व अन्य जीवजंतु मर रहे हैं। खलारी, मोहनपुर, माखनपुर, नेढुवा, बड़ैछा, चंदपुरा आदि गांवों में रंज नदी सूख गई है। यहां रात दिन अवैध खनन हो रहा है। एसडीएम (नरैनी) धीरेंद्र कुमार का कहना है कि उनकी जानकारी में यह बात नहीं थी। अब वह तहसीलदार को भेजकर जांच कराएंगे। नदी में बनाया गया अवैध पुल तोड़ा जाएगा।