अतर्रा/बदौसा। लंबे समय से पुलिस संरक्षण में चल रहे नालबंद जुआड़खाने में इलाहाबाद से आई क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारकर 11 जुआरियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके पास चार लाख रुपये, मोबाइल फोन और 11 बाइक बरामद हुईं। यह कार्रवाई इलाहाबाद आईजी जोन के आदेश पर की गई। आईजी के आदेश पर पुलिस अधीक्षक ने बदौसा थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पुलिस संरक्षण में दबंग लोग काफी दिनों से नालबंद जुए की फड़ चला रहे थे। स्थानीय स्तर पर तवज्जो न मिलने पर कुछ लोगों ने इसकी शिकायत दो दिन पूर्व बांदा निरीक्षण में आए आईजी जोन (इलाहाबाद) डॉ. केएस प्रताप कुमार से की।
आईजी के निर्देश पर टीम ने शुक्रवार की शाम नाटकीय ढंग से तरसूमा गांव में प्राइमरी स्कूल में चल रही जुए की फड़ में छापा मारा। 11 जुआरियों को गिरफ्तार कर चार लाख रुपये, आठ मोबाइल फोन और 11 मोटर साइकिल बरामद कीं।
गिरफ्तारी के बाद टीम ने क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह परिहार और बदौसा थानाध्यक्ष घनश्याम पांडेय को बुलाकर जुआरियों को उनके हवाले कर दिया। इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद पांडेय को भी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष घनश्याम पांडेय को निलंबित कर दिया। एसआई शिवशरण शर्मा को थाने का प्रभारी नियुक्त किया है।
उधर, ग्रामीणों की मानें तो करीब 50 लाख रुपये का जुआ था। कई जुआरी भाग निकले। गिरफ्तार जुआरियों में जुआ संचालक अनिल कुमार उर्फ राजा दुबे पुत्र विजय कुमार (संजय नगर, अतर्रा), शैलेंद्र धुरिया पुत्र मइयादीन (बबेरू), कमलेश जाटव पुत्र जंगली प्रसाद, दिग्विजय कुरील पुत्र छोटेलाल, नवनीत शिवहरे पुत्र रामेश्वर प्रसाद, दिनेश गुप्ता पुत्र छेदीलाल, दिवाकर पांडेय पुत्र प्रकाश चंद्र पांडेय, ओम प्रकाश पटेल पुत्र शिवपाल, महेंद्र कुमार पुत्र भोला प्रसाद (सभी अतर्रा) व विमल कुमार पुत्र शिवबरन (बिसंडा) और रमेश रैकवार पुत्र रामस्वरूप (कर्वी, चित्रकूट) शामिल हैं।