बांदा। शासन द्वारा नामित बांदा जनपद के नोडल अधिकारी और प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त मनीष चौहान ने जनपद के अधिकारियों को आगाह किया है कि अगले माह वह फिर आकर निरीक्षण करेंगे। किसी विभाग के कार्यों में कमी पाई गई तो उसके जिला स्तरीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न पेंशनों के लंबित सत्यापन 15 दिन के अंदर करने के निर्देश दिए।
दो दिवसीय भ्रमण/निरीक्षण में गुरुवार को यहां आए नोडल अधिकारी ने शुक्रवार को सुबह सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में जनपद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था आदि की समीक्षा की। अधिकारियों से कहा कि समय-समय पर अपने विभाग की संचालित योजनाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करें।
शासन की मंशा के मुताबिक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित कराएं। पेंशन और राशन कार्ड बनाने के लिए ब्लाक और नगर पंचायतों में शिविर लगाएं। नरेगा से सभी गांवों में ऐसे काम होते रहें जिसमें स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। नोडल अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण करें।
कानून व्यवस्था की समीक्षा में श्री चौहान ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित विवेचनाएं पूरी करने के लिए अभियान चलाएं। अभियुक्तों की गिरफ्तारी और जिला बदर कार्रवाई तेज की जाए। बालिका स्कूलों के पास सादी वर्दी में पुलिस तैनात करें। शहर के प्रमुख चौराहों पर कैमरे लगवाएं। डीएम हीरा लाल ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने यहां सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटवाना सुनिश्चित करें।
भूमाफियाओं को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने नोडल अधिकारी को जनपद में कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के बारे में बताया। गुड मॉर्निंग पुलिस सेवा की भी जानकारी दी।
बैठक में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, एडीएम संतोष बहादुर सिंह, सीएमओ डा.संतोष कुमार, अपर एसपी लालभरत कुमार पाल, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार, उप निदेशक सूचना भूपेंद्र सिंह यादव, परियोजना निदेशक आरपी मिश्रा, एनआरएलएम उपायुक्त केके पांडेय सहित डीपीआरओ संजय यादव, अर्थ एवं संख्याधिकारी संजीव बघेल और सभी एसडीएम उपस्थित रहे।
बैठक के बाद नोडल अधिकारी ने बांदा नगर पालिका द्वारा बनवाए गए सामुदायिक शौचालय एवं बरातघर का निरीक्षण किया। शौचालय का सही उपयोग न मिलने पर असंतोष जताया। जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि शहर के सभी सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण कराएं और उनका सदुपयोग सुनिश्चित कराएं।