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बालू माफिया ने खोज लीं नई खदानें

Mon, 25 Jul 2016 10:25 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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अलीगंज पुलिस चौकी के सामने से रात में गुजरते अवैध बालू के ओवरलोड ट्रक। - फोटो : amarujala
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बांदा। इस बार बारिश में भी बालू का अवैध खनन नहीं थमा। मध्य प्रदेश की सरहद से जुड़े बांदा जिले के नरैनी और गिरवां क्षेत्रों में बालू माफिया ने नदी से हटकर नई खदानें ढूंढ ली हैं। इन खदानों में बेशुमार बालू है। यहां से रोजाना लगभग दो सौ बालू के ओवरलोड ट्रक प्रदेश के विभिन्न शहरों में जा रहे हैं।
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इससे नौ लाख रुपये प्रतिदिन रॉयल्टी की चोरी हो रहा है। बालू की सरेआम चोरी, हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करने वाले ट्रक पुलिस थानों और चौकियों से गुजर रहे हैं। बांदा का अतिरिक्त कार्यभार संभाले खनिज अधिकारी ने कभी इस तरफ रुख ही नहीं किया।

15 जून के बाद नियमत: बालू का खनन बंद हो जाता है। बारिश शुरू होने से रास्ते बंद होने के साथ नदी बढ़ जाने से खदानें भी डूब जाती हैं। अबकी भी यही हुआ लेकिन खनन बंद नहीं हुआ। नरैनी क्षेत्र के मानपुर, जरर, मऊ, गिरवां आदि गांवों के पास केन नदी से कुछ दूर बालू की खदानें तलाश ली गई हैं।
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यहां खुदाई से बेतहाशा बालू निकल रही है। रात-दिन अवैध खनन हो रहा है। खनिज विभाग ने एक भी रवन्ना यहां नहीं दिया है। बिना रवन्ने या फिर नकली रवन्ने से लगभग दो सौ ट्रक रोजाना बालू लेकर प्रदेश के विभिन्न शहरों को जा रहे हैं। ये ट्रक रात नो बजे के बाद बांदा शहर से गुजरते हैं। नरैनी कोतवाली, गिरवां थाना, अलीगंज पुलिस चौकी, कालूकुआं पुलिस चौकी आदि के सामने से ट्रकों की लाइन लगी रहती हैं।

बालू की रॉयल्टी की सरकारी दर 150 रुपये प्रति घन मीटर है। एक ट्रक में 30 घन मीटर बालू लादी जा रही है, यानी प्रति ट्रक से 4500 रुपये की रॉयल्टी सरकार के खजाने में जमा होनी चाहिए। लेकिन रॉयल्टी तो दूर रवन्ना भी खनिज विभाग ने जारी नहीं किया है।

लगभग नौ लाख रुपये प्रतिदिन सरकार को चूना लगाया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में 50 हजार रुपये प्रति ट्रक बालू बिक रही है। खदान में लगभग 15 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। इसमें पांच हजार रुपये प्रति ट्रक का सिंडीकेट बताया जा रहा है। अवैध खनन कराने वालों में सत्तारूढ़ दल के लोग भी हैं।

इनमें कई दूसरे शहरों और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के लोग भी साझेदार हैं। इस बारे में खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो अपनी आदत के मुताबिक फोन नहीं उठाया। उनकी मूल तैनाती चित्रकूट में है। बांदा का अतिरिक्त चार्ज मिला है। कभी-कभार ही बांदा आते हैं।
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उधर, प्रभारी अधिकारी खनिज/अपर जिलाधिकारी गंगाराम गुप्ता ने कहा कि वह अवैध खनन की जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
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