राजकीय पुस्तकालय परिसर के पास अतिक्रमण ढहाती नगर पालिका की जेसीबी।
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कलक्ट्रेट के आसपास अतिक्रमण हटाने की सुगबुगाहट शुरू होते ही फुटपाथों के दुकानदारों ने सामान समेटना शुरू कर दिया। रविवार को दोपहर बाद सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र तिवारी के नेतृत्व में कचहरी चौराहा से महाराणा प्रताप चौक तक अतिक्रमण हटाने का काम चला। जीआईसी से डीआईओएस कार्यालय तक सड़क किनारे फुटपाथ पर बनीं झुग्गी झोपड़ियों को नगर पालिका कर्मियों ने जेसीबी से ढहा दिया। इन झोपड़ियों में रह रहे ओम प्रकाश साहू, चंदू, दीपू कुमार, सावित्री, राम प्रकाश व सरवन आदि बेघर हो गए। इनमें से अधिकांश का सामान और गृहस्थी भी मलबे में दब गया। इसी बीच मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बेघर हुए परिवारों ने आनन-फानन में बांस बल्लियों के सहारे पालीथिन की झुग्गी बना ली। अतिक्रमण हटाने वाले प्रशासनिक जत्थे में नगर पालिका सफाई निरीक्षक हरीशंकर निरंजन भी थे। नगर क्षेत्राधिकारी शोहराब आलम भारी संख्या में पुलिस बल के साथ उपस्थित थेे। किसी भी अतिक्रमणकारी की विरोध करने की हिम्मत नहीं पड़ी। उधर, अतिक्रमण हटाने की शुरूआत होते ही जजी चौराहा से तहसील रोड होते हुए अशोक लाट और संकट मोचन तक फुटपाथ पर काबिज दुकानदारों में हड़कंप मच गई। कई लोग अपनी गुमटियां उठा ले गए। फुटपाथों पर सब्जी आदि की दुकानें भी हट गईं। उधर, बारिश के चलते अतिक्रमण हटाने का काम रुक गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सोमवार को भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई होगी।