बांदा। डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक की ओरन ब्रांच में कई खाताधारकों के खाते से लगभग 16 लाख रुपये गुपचुप ढंग से निकाल लिए गए। खाताधारकों को भनक भी नहीं लगी। गुरुवार को जिला मुख्यालय से गई जांच टीम ने खाते चेक किए तो धोखाधड़ी उजागर हुई। यह भारी भरकम रकम लगभग एक माह मेें कई बार निकाली गई। उधर, जांच की नौबत देख आनन-फानन खातों का पैसा वापस जमा कर दिया गया। बैंक अधिकारी इस मामले में कुछ भी खुलकर नहीं कह रहे।
ओरन नगर में स्थित कोआपरेटिव बैंक ब्रांच में बड़ी संख्या में चालू और बचत खाते चल रहे हैं। हाल ही में बैंक कर्मियों की मिलीभगत से लगभग एक दर्जन से ज्यादा बचत और चालू खाताधारकों के खातों से विड्राल फार्म आदि के लिए जरिए लगभग 17 लाख रुपये निकाल लिए गए। कैश और लेजर का मिलान होने पर खुलासा हुआ तो 24 अगस्त को जिला मुख्यालय से जांच टीम ओरन पहुंची।
कई खाताधारकों ने टीम के सामने अपने खाते चेक कराए। तब पता चला कि उनके खातों से लाखों रुपया निकाला जा चुका है। उन्हें भनक भी नहीं लगी। उधर, जांच टीम की भनक मिलते ही बैंक कर्मियों ने तत्काल पूरा पैसा वापस जमा कर लिया। बैंक कर्मियों द्वारा खाताधारकों को यह समझाया जा रहा है कि उनका पैसा वापस जमा हो गया है। जांच आदि से यह पचड़े में पड़ जाएगा। लिहाजा खाताधारक फिलहाल खामोश हैं और अपना नाम भी नहीं बता रहे हैं। इनमें से ज्यादातर खाताधारक बड़ी रकम वाले हैं।
उधर, इस बारे में बैंक प्रबंधक विजय शुक्ला ने कहा कि मामला उनकी भी जानकारी में आया है। बोले कि 22 अगस्त को पूरा कैश बैंक में जमा कर दिया गया है। यह भी कहा कि वह आए दिन मुख्यालय में मीटिंग व अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं। समय से जानकारी नहीं मिल पाई। इसमें कैशियर का कुसूर है। प्रबंधक ने कहा कि इस समय वह गोरखपुर में हैं। उनकी आंखों का आपरेशन हुआ है। उधर, डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक अध्यक्ष लवलेश यादव ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। अब वह इस बारे में पता करने के बाद जांच कराएंगेे।
-ग्राहकों के खातों से निकला पैसा, जांच से पहले ही वापस किया कैश
-बैंक प्रबंधन बोले, मामला जानकारी में, 22 को पूरा कैश जमा कराया
अमर उजाला ब्यूरो