पति की हत्या में पत्नी और उसके प्रेमी को अदालत ने सश्रम आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। घटना के बाद से दोनों अभियुक्त जेल में हैं। बिसंडा कसबे के दशवत मोहल्ला निवासी दऊवा यादव पुत्र ललवा ने 24 जनवरी 2015 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 23 जनवरी की रात उसकी भाभी ने फोन पर अज्ञात लोगों द्वारा भाई रामखिलावन की हत्या किए जाने की जानकारी दी।
खेत से घर आकर देखा तो चारपाई पर रामखिलावन का शव पड़ा था। पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना अधिकारी एसएचओ सुरेंद्रचंद्र मिश्रा द्वारा जांच में मृतक की पत्नी विमला और कस्बे के असवत थोक निवासी भीम कुशवाहा पुत्र राम प्रताप द्वारा हत्या करने का खुलासा हुआ। आरोप पत्र में कहा गया था कि अवैध संबंधों के चलते भीम और विमला ने रामखिलावन की हत्या की। पुुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायधीश भूपेंद्र सहाय की अदालत में हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार यादव व सहायक शासकीय अधिवक्ता मिस्कीन अली ने सुनवाई के दौरान छह गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली में साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने मंगलवार को सुनाए गए फैसले में भीम व विमला को सश्रम आजीवन कारावास की सजा के साथ 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया। अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।