कृषि विज्ञान केंद्र में प्रवासी मजदूरों को रोजगारपरक प्रशिक्षण संबोधित करते डा.नरेंद्र सिंह।
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बांदा। प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने को प्रशिक्षण बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र (कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय) में शुरू हो गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत चल रहे इस प्रशिक्षण में प्रवासी श्रमिकों को आय के लिए विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण के पहले दिन ‘आय अर्जन हेतु जैविक कीटनाशकों का उत्पादन’ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण की अध्यक्षता सह निदेशक (प्रसार) डॉ. नरेंद्र सिंह ने की। प्रशिक्षण में छह गांव के 35 प्रवासी श्रमिक शामिल हुए। डॉ. मंजुल पांडेय ने प्रशिक्षण का उद्देश्य और रूपरेखा बताई।
डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि में अन्य व्यवसाय से ज्यादा समस्याएं होती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इनका समाधान भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि फसल में लगने वाले रोग और कीटों के नियंत्रण के लिए किसानों को प्राकृतिक उपाय सोचना चाहिए। जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष डॉ. श्याम सिंह ने श्रमिकों को सलाह दी कि प्रकृति से जुड़ें। जैविक उत्पाद तैयार करके अधिक मुनाफा हासिल करने को भी प्रेरित किया। प्रशिक्षण ले रहे प्रवासी श्रमिकों ने भी अनुभव साझा किए। ये श्रमिक सूरत, मुंबई, दिल्ली, औरंगाबाद आदि से लौटे हैं। डॉ. मानवेंद्र सिंह ने सभी का आभार जताया। संचालन डॉ. सुभाषचंद्र सिंह ने किया। केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. दीक्षा पटेल और डॉ. प्रज्ञा ओझा का विशेष योगदान रहा।