बांदा। वर्ष 2023 के दहेज हत्या के मामले में अदालत ने पति धर्मेंद्र को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अलावा 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। यह फैसला सोमवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण चंद्रपाल द्वितीय ने सुनाया। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के महोखर गांव का है।
महोबा के कबरई थाना क्षेत्र के छानीकल गांव निवासी आशाराम ने पांच मार्च 2023 को कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उनकी बेटी की शादी वर्ष 2022 में मूल रूप से तिंदवारी के गांव धौसड़ और वर्तमान में महोखर निवासी धर्मेंद्र से हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर दो मार्च 2023 को उनकी बेटी की फंदे से लटक कर मौत हो गई। मामले में धर्मेंद्र समेत ससुरालीजनों के खिलाफ आईपीसी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
तत्कालीन सीओ नगर गवेंद्र पाल गौतम ने मामले की विवेचना की। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने धर्मेंद्र को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।