-दिसंबर 2020 का मामला, दहेज के लिए गला दबाकर की थी हत्या
संवाद न्यूज ऐजेंसी
बांदा। ससुरालियों ने दहेज के लिए बहू को पीटकर गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया था। मामले में दोषी पति, सास व ससुर को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास सुनाया।
साथ ही तीनों पर 4000-4000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर 6-6 माह अतिरिक्त सजा काटने के आदेश किए। तीनों को जेल भेज दिया गया। सहायक शासकीय ने बताया कि थाना बदौसा क्षेत्र के बगीचापुरवा अंश दुबरिया निवासी सरफराज खान ने थाना नरैनी में 28 दिसंबर 2020 को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने अपनी बहन शबाना बानो की शादी 13 नवंबर 2018 को नरैनी थाना क्षेत्र के कल्हरा निवासी अब्दुल रहमान पुत्र कुद्दुस खान के साथ की थी। एक वर्ष बाद बहन ने एक पुत्री इनाफा को जन्म दिया।
इधर, शादी के तीसरे दिन से ही बहनोई अब्दुल रहमान अपने परिजनों के बहकावे में आकर बाइक व 50 हजार रुपये दहेज में कम मिलने की बात करने लगा। इसे लेकर बहन ने कॉल से सूचना दी। बाद में वह परेशान आकर मायके आ गई। बताया कि पति अब्दुल रहमान, ससुर कुद्दुस खान, सास सन्नो, ननद सिमरा व देवर अब्दुल मुजीब एक राय होकर मुंह में कपड़ा ठूसकर उसे बेरहमी से पीटा और कई दिनों से खाना नही दिया।
25 दिसंबर 2020 को ससुर कुद्दुस खान की कॉल आई कि तुम्हारी बहन ने आग लगा ली है। हम सभी परिवारजनों सहित अपनी बहन देखने उसकी ससुराल कल्हरा गए तो पड़ोसियों से से पता चला कि उसकी बहन की गला दबाकर हत्या करके पंखे से लटका दिया। उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं।
विवेचक ने पति, सास व ससुर के खिलाफ आरोप पत्र 23 मार्च 2021 को प्रेषित किया। ननद व देवर को आरोप से मुक्त कर दिया। अभियोजन की ओर से छङ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 30 पन्नों के फैसले में पति अब्दुल रहमान, ससुर कुद्दूस खान व सास सन्नो को दोषी पाकर सजा सुना दी।