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पीयूसीएल और ह्यूमन राइट ने पालिका को घेरा

Fri, 24 Jun 2016 12:42 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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नगर पालिका के भ्रष्टाचार से संबंधित अभिलेख मीडिया को दिखाते पीयूसीएल अधिवक्ता सैय्यद अली मंजर। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। पीयूसीएल और ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क स्वयंसेवी संगठनों ने बांदा नगर पालिका पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। साथ ही कहा कि मंत्री और सरकार भ्रष्टाचार दबा रहे हैं, लेकिन न्याय पालिका इनको जरूर सजा देगी।
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बृहस्पतिवार को मैरिज हाल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पीयूसीएल अधिवक्ता सैय्यद अली मंजर और ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क के अधिवक्ता शिव कुमार मिश्रा, अधिवक्ता बीएम गुप्ता और मिर्जा यावर हुसैन ने नगर पालिका के भ्रष्टाचारों का चिट्ठा खोला। आरोप लगाया कि बिजली के खंभों पर 3.98 करोड़ निकाले गए। फर्म से अलग-अलग आपूर्ति लेकर भुगतान किया गया।

भाड़ा ढुलाई के नाम पर 39.80 लाख रुपये निकाले गए हैं। खरीदे गए बिजली के खंभे 100 किलो के स्थान पर 75 किलो के हैं। 20 फीसदी आपूर्ति लेकर 100 फीसदी का भुगतान किया गया है। शहर में सीसीटीवी कैमरे के नाम पर 68.23 लाख का घोटाला किया गया। सवाल किया कि सीसीटीवी का मानीटरिंग रूम कहां हैं? किन चौराहों पर कैमरे लगाए गए हैं? सोलर लाइट में शेड्यूल रेट से पांच गुना अधिक दरों पर खरीद हुई।
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93.19 लाख रुपये खर्च बताए गए हैं। जिस फर्म से सोलर लाइट खरीदी हैं, वह वार्ड सदस्य के साले की फर्म हैं, जो कानपुर में स्थित है। 20 किलोवाट का जनरेटर 8,82,660 रुपये मेें खरीदा गया है, जबकि यही जनरेटर बांदा की निजी फर्म ने सिर्फ 3,46,498 रुपये में खरीदा।

कहा कि एलईडी लाइट तीन करोड़ 30 हजार रुपये में खरीदी गई हैं। यह शेड्यूल रेट से पांच गुनी ज्यादा महंगी हैं। वाशिंग मशीन खरीदने के नाम पर 74 हजार रुपये भुगतान दिया गया है, जो पांच गुना ज्यादा है। 10 एसी की खरीद में 4.37 लाख भुगतान किए गए हैं, जबकि बांदा की एक फर्म से मात्र दो एसी खरीदे गए हैं। कंधरदास तालाब शहर के जमा (बैरिस्टर) परिवार की निजी संपत्ति है। फिर भी उसके सुंदरीकरण के नाम पर ढाई करोड़ रुपये ठिकाने लगा दिए गए।

कर्बला रोड पर पहले से बनी कब्रिस्तान की बाउंड्री को ऊंचा कर प्लास्टर करा दिया और नई बाउंड्री का निर्माण दिखा दिया। शहर सीमा से बाहर पल्हरी गांव में 1.30 करोड़ की सीसी रोड बनवा दी गई।तीनों अधिवक्ताओं ने नगर विकास मंत्री आजम खां पर भी सवाल खडे़े किए। कहा कि उनका ध्यान सिर्फ जौहर यूनीवर्सिटी तक रह गया है। बांदा के अधिकारियों द्वारा संयुक्त जांच रिपोर्ट नवंबर 2013 मेें भेजी थी।

यह आज तक ठंडे बस्ते में है। प्रदेश के लोकायुक्त ने जांच के बाद रिकवरी की संस्तुति करते हुए मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को भेज दी थी, लेकिन फाइल जहां की तहां पड़ी है। मौजूदा लोकायुक्त ने राज्यपाल को फिर रिमाइंडर भेजकर एफआईआर की मांग की है। कहा कि वार्ड सदस्य भारत प्रजापति ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जांच और कार्रवाई के लिए अदालत का सहारा लिया है। सरकारी पैसे की बर्बादी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए आंदोलन भी किया जाएगा।

आरोपी सदस्य करा रहा दुष्प्रचार
बांदा। नगर पालिका पर लगाए गए आरोपों पर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा है कि वार्ड सदस्य और मारपीट के आरोपी भारत प्रजापति अपने अधिवक्ता के माध्यम से दुष्प्रचार करा रहे हैं। कहा कि बिजली पोल, सीसीटीवी कैमरे, सोलर लाइट, जनरेटर, एलईडी, एसी आदि विधिक प्रक्रिया अपनाकर और दरों के सत्यापन के बाद खरीदे गए हैं। इनमें कोई अनियमितता नहीं हुई है।

वाशिंग मशीन निजी कपड़ों की धुलाई के लिए नहीं बल्कि पालिका के वाहनों की धुलाई के लिए खरीदी गई है। कंधरदास तालाब आदि में निर्माण जनहित में कराया गया। हालांकि  भुगतान अभी नहीं किया गया है। कब्रिस्तान की बाउंड्री शासन के निर्देशों पर बनाई जा रही है। पालिका ने शहर के बाहर कोई सड़क नहीं बनाई। सारे काम नियम अनुसार टेंडर आमंत्रित कर और डीएम से अनुमोदन के बाद ही किए गए हैं। कहा कि दुष्प्रचार के लिए वे सक्षम न्यायालय में मुकदमा करेंगी।
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