बांदा। नगर पालिका कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। शहर के बाशिदों से गृहकर तो बराबर वसूला जाता है, पर उनका लेन-देन सिर्फ रसीदों तक सीमित है। शुक्रवार को ईओ के निरीक्षण में इसकी पोल खुली। गृहकर कार्यालय में उन्होंने सभी वार्डों के वसूली रजिस्टर देखे तो खाली मिले। उन्होंने कर निरीक्षकों को रजिस्टर में चढ़ाने की 15 दिन की मोहलत देते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी नीलम चौधरी ने शुक्रवार को सुबह 10 बजे सभी पटलों का औचक निरीक्षण किया। सफाई विभाग में रजिस्टर अस्त-व्यस्त मिले। इस पर सफाई निरीक्षक को कड़ी चेतावनी दी। इसके बाद अधिष्ठान कार्यालय में कूड़ा व गंदगी मिलने, आलमारियों के अस्त-व्यस्त मिलने पर नाराजगी जताई। निर्माण व लेखा विभाग में भी उन्होंने अभिलेख दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद गृहकर विभाग में उन्हें बड़ी लापरवाही मिली। यहां शहर के सभी 31 वार्डों के गृहकर वसूली के दशकों पुराने रजिस्टर मेज पर सजे मिले। रजिस्टर खोलकर देखे तो तेवर चढ़ गए। इनमें शहरवासियों से वसूला गया गृहकर व बकाया गृहकर का कोई ब्योरा दर्ज नहीं मिला। उन्होंने कर निरीक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि कार्यालय में बैठकर मुफ्त तनख्वाह नहीं लेने देंगी। काम पूरी तन्मयता से करना होगा।
उन्होंने टैक्स अधीक्षक से कहा कि 15 दिन में नए रजिस्टर नहीं तैयार हुए और वसूला गया गृहकर व बकाया गृहकर का ब्योरा दर्ज नहीं किया तो सभी को निलंबित कर दिया जाएगा। ईओ के सख्त तेवर देख कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ गईं। उन्होंने कहा कि कर निरीक्षक रोज की प्रगति से उन्हें अवगत कराएंगे। इस मौके पर टैक्स अधीक्षक तेजप्रताप सहित अन्य पालिका के कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित रहे।