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अस्पतालों की बिजली गुल, प्रसूताओं को छुट्टी देकर भेजा घर

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बिजली गुल होने से शिशुओं को लेकर बाहर निकलतीं महिलाएं। - फोटो : BANDA
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बांदा। राजकीय अस्पतालों में विशेष लाइनें और फीडर बनाकर 24 घंटे की आबाद बिजली आपूर्ति किए जाने के न्यायालय और शासन के आदेश धरे रह गए। मंडल मुख्यालय के जिला पुरुष और महिला अस्पताल में ट्रांसफार्मर की केबिल और फीडर की पीटी (पोटेंशियल ट्रांसफार्मर) फुंक जाने से पिछले 24 घंटे से यह दोनों अस्पताल बिजली विहीन हैं। जेनरेटर भी लगातार नहीं चल पा रहे। महिला अस्पताल में कई प्रसूताओं को समय से पहले ही छुट्टी दे दी गई। उधर, पावर कार्पोरेशन के मुख्य अभियंता का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था करके आपूर्ति चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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शनिवार को आधी रात मंडल मुख्यालय के जिला पुरुष व महिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर की बिजली गुल हो गई। उमस से वार्डों में भर्ती मरीज और बेहाल हो गए। कुछ देर बाद पुरुष अस्पताल और ट्रामा सेंटर का जेनरेटर चलाया गया। लेकिन कुछ घंटों बाद यह बंद कर दिया गया। उधर, महिला अस्पताल के जेनरेटर में गड़बड़ी से यह अधिक देर नहीं चल पा रहा। पूरी रात महिला मरीज और प्रसूताओं को उनके तीमारदार बरामदे में रखे रहे।
उधर, रविवार को महिला अस्पताल प्रशासन ने कई प्रसूताओं को समय से पहले ही छुट्टी दे दी। उनके शिशु अस्पताल के एनआईसीयू में थे। लेकिन बिजली न होने से यह सारे उपकरण ठप हो गए। ऐसे में कोई अनहोनी और बवाल से बचने के लिए डाक्टरों ने महिलाओं को छुट्टी दे दी। प्रसूता प्रियंका (अलिहा), राजकुमारी (कछार डेरा) और राजकुमारी (कुलकुम्हारी) रविवार को दोपहर अपने शिशुओं को लेकर घर चली गईं। एक अन्य प्रसूता अभिलाषा (कुरौली) ने अस्पताल के बरामदे में जोखिम भरी परिस्थितियों के बीच शिशु के साथ रात गुजारी। शनिवार को देर शाम तक आपूर्ति चालू नहीं हो पाई थी।
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महिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डा.पीके पांडेय ने बताया कि इतने घंटे से बिजली गुल होने से उन्होंने इसकी सूचना एडीएम को दी है। उन्होंने यह भी बताया कि महिला अस्पताल का जेनरेटर लगातार नहीं चलाया जा सकता। उधर, पुरुष अस्पताल के चिकित्साधिकारी डा.विनीत सचान ने बताया कि फाल्ट दुरुस्त कराने के लिए पावर कार्पोरेशन अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जितना अधिक संभव है जेनरेटर चलाया जा रहा है।
उधर, पावर कार्पोरेशन के मुख्य अभियंता केके भारद्वाज ने रविवार को देर शाम बताया कि ट्रांसफार्मर केबिल फुंकने की उन्हें जानकारी नहीं दी गई। अलबत्ता इस फीडर का पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (पीटी) खराब हो जाने से आपूर्ति ठप है। मुख्य अभियंता ने बताया कि दूसरे फीडर से बाईपास करके अस्पताल की आपूर्ति बहाल करने का प्रयास जारी है।
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