तिंदवारी (बांदा)। बांदा-टांडा हाईवे पर गड्ढे और जलभराव राहगीरों के लिए मुसीबत बन गए हैं।
तेरही माफी मोड़ के पास पानी भरे गड्ढे में पहिया जाते ही मंगलवार सुबह ईंट लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। सड़क पर गड्ढों के कारण लोडर समेत कई वाहन भी फंस गए। इससे दिनभर जाम के हालात बने रहे। इससे संबंधित अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार शाम हाईवे के गड्ढों में डस्ट डालकर भराई शुरू कराई गई।
फतेहपुर की ओर से ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली बांदा जा रही थी। मंगलवार सुबह तेरही माफी गांव के मोड़ के पास ट्रॉली का पहिया पानी भरे गड्ढे में चला गया। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बुलडोजर की मदद से ट्रॉली को सीधा कराया गया।
वहीं पास ही लोडर भी फंस गया। इस दौरान बांदा और फतेहपुर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों की कतार लग गई। गड्ढों में वाहन फंसने और ट्रॉली पलटने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
कस्बे के अभय प्रताप सिंह ने बताया कि तेरही माफी मोड़ पर पिछले तीन-चार दिन से कई वाहन गड्ढों में फंसकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। पानी भरा होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे दुर्घटनाएं हो रही हैं।
बांदा-टांडा हाईवे की बदहाल सड़क, जलभराव और गड्ढों की समस्या को अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से संबंधित खबर को प्रकाशित किया था। खबर में गड्ढे में फंसी रोडवेज बस और उसमें सवार यात्रियों की परेशानी को उठाया गया था। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया।
मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंकित सिंह ने मुख्य सड़क की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद शाम को सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में डस्ट डालकर भराई का काम शुरू कराया गया। इससे आवागमन सुचारु होने की उम्मीद है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमेश चंद साहू ने बताया कि उन्होंने समस्या से जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद को अवगत कराया था। इसके बाद मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की गई।
सड़क पर गड्ढों की भराई शुरू होने से स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने राहत जताई। हालांकि, लोगों ने जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
15 ग्राम पंचायतों के लोग परेशान
बांदा-टांडा मार्ग पर तेरही माफी मोड़ के पास जून से जलभराव की समस्या बनी हुई है। जलभराव के कारण धीरे-धीरे गड्ढे गहरे होते गए। बीते सप्ताह हुई बारिश ने यहां मुसीबत बढ़ा दी। इससे दोपहिया, चारपहिया वाहन, बस, ट्रक और साइकिल सवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जलभराव के कारण वाहन फिसलने से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। गड्ढों में वाहन फंसने से जाम भी लगता है। यह मार्ग करीब 15 ग्राम पंचायतों के साथ बांदा, फतेहपुर, कानपुर और लखनऊ समेत कई प्रमुख शहरों को जोड़ता है। ऐसे में सड़क की बदहाली से रोजाना बड़ी संख्या में राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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जसपुरा में भी गड्ढों से हादसों का खतरा
बांदा-हमीरपुर मार्ग पर जसपुरा क्षेत्र के अहिरन डेरा के पास भी सड़क की हालत खराब है। यहां सड़क के बीच बने बड़े गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ग्रामीणों के अनुसार, जसपुरा क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर करीब तीन बड़े गड्ढे हैं। अहिरन डेरा के पास बना गड्ढा सबसे ज्यादा परेशानी पैदा कर रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से मार्ग के सभी बड़े गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
फोटाे-10-बांदा-टांडा हाईवे पर गड्ढे और जलभराव में पलटी पड़ी ईंट लदी ट्राली व लोडर। संवाद
फोटाे-10-बांदा-टांडा हाईवे पर गड्ढे और जलभराव में पलटी पड़ी ईंट लदी ट्राली व लोडर। संवाद
फोटाे-10-बांदा-टांडा हाईवे पर गड्ढे और जलभराव में पलटी पड़ी ईंट लदी ट्राली व लोडर। संवाद