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Banda News: हाईवे खराब, ड्राइवरों ने बसें ले जाने से किया इन्कार

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बांदा। हाईवे की स्थिति बद से बदतर हो गई है। चिल्ला पुल से बिंदकी तक करीब 36 किलोमीटर सड़क पूरी तरह से खत्म हो गई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इनमें पानी भरा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता। इस कारण परिवहन निगम के ड्राइवरों ने बांदा से चिल्ला होते हुए कानपुर तक रोजवेज बसें ले जाने से हाथ खड़े कर दिये हैं।
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ऐसे में करीब 40 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाकर रोडवेज बसें तिंदवारी-फतेहपुर और हमीरपुर की तरफ से भेजी जा रही हैं। इससे कानपुर आवाजाही करने वाले करीब चार हजार यात्री रोजाना परेशान हो रहे हैं। आरएम ने फतेहपुर डीएम को खराब सड़क की मरम्मत कराने के लिए पत्र लिखा है।

परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक चित्रकूटधाम मंडल संदीप अग्रवाल ने बताया कि चिल्ला से बंधवा, बहुआ मोड़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग है। चिल्ला से जोहिना, बिंदकी तक लगभग 36 किलोमीटर मार्ग करीब दो साल से खराब पड़ा है। मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इनमें इस समय पानी भरा है। ऐसे में ड्राइवरों को इस रास्ते से बसें लाने ले जाने में परेशानी हो रही है। गड्ढों में पानी भरने के कारण हादसों की भी आशंका रहती है।
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इसके साथ ही अक्सर इस मार्ग में ओवरलोड ट्रक खराब हो जाते हैं। इससे कई-कई घंटे तक जाम लगा रहता है। जाम में फंसने से बसों के देरी से कानपुर पहुंचने से यात्रियों को भी असुविधा हो रही है।
आए दिन बसों के खराब होने से अनुरक्षण कार्य में अधिक व्यय हो रहा है। मार्ग की अत्यंत खराब दशा व जाम की वजह से ड्राइवरों ने चिल्ला होकर बसें चलाने में मना कर दिया है। ऐसे में बसों को तिंदवारी-फतेहपुर व हमीरपुर मार्ग से कानपुर भेजा जा रहा है। ऐसे में निगम को राजस्व की क्षति हो रही है।
बता दें कि इस रूट से कानपुर आदि के लिए रोजाना करीब 40 रोडवेज बसें आती-जाती हैं। इनमें तकरीबन रोज चार हजार यात्री सफर करते हैं। आरएम ने डीएम फतेहपुर को पत्र लिखकर चिल्ला पुल से बिंदकी तक की सड़क गड्ढा मुक्त कराने की मांग की है, जिससे शासन की मंशा से अनुरूप यात्रियों को बेहतर व समयबद्ध यात्रा का लाभ मिल सके।

दिल्ली, गोरखपुर की बसों का इसी रूट से है आना-जाना
चिल्ला होकर कानपुर मार्ग में बसों का अधिक आवागमन है। बांदा से गोरखपुर, दिल्ली, लखनऊ सहित अन्य प्रमुख मार्गाें की करीब 40 बसें चलती हैं। इस मार्ग पर ट्रेन का कोई साधन नहीं होने से प्रतिदिन चार हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना होता है। इन सभी यात्रियों को चक्कर लगाना पड़ता है। इसमें अतिरिक्त समय के साथ अतिरिक्त किराया भी देना पड़ रहा है।


प्रतिदिन एक हजार लोग यात्रा से वंचित

बसों के तिंदवारी-फतेहपुर व हमीरपुर मार्ग को कानपुर चलने से चिल्ला, ललौली, बिंदकी कस्बों व मार्ग में पड़ने वाले ग्रामों के यात्रियों को परिवहन सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते मजबूरन एक हजार से अधिक यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। जहां पर अधिक किराया के साथ ही इन वाहनों में भेड़ बकरियों की तरह लोगों को बिठाया जा रहा है।
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