बांदा। अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मंगलवार को टास्क फोर्स की बैठक हुई।
इसमें डीएम अमित आसेरी ने जिले में संचालित 14 क्रशरों के प्रवेश और बाहरी प्वाइंट पर एक से दो हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाने के निर्देश दिए। इन कैमरों की लाइव रिकॉर्डिंग खनन विभाग कार्यालय स्तर से भी देखी जा सकेगी।
बालू-मौरंग खनन पट्टों तक पहुंचने वाले मार्गों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने 17 परियोजनाओं की आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसे जिला खनिज फाउंडेशन न्यास समिति की बैठक में रखने के निर्देश दिए गए। वहीं बालू-मौरंग की सफाई में भूजल का इस्तेमाल करने के लिए भूगर्भ जल विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले में 14 भंडारण लाइसेंस स्वीकृत हैं, जबकि पूर्व में 23 लाइसेंस थे। संचालित सभी भंडारण स्थलों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
गिट्टी-पत्थर के खनन पट्टों में इस्तेमाल होने वाले बारूद की खरीद के स्थान का संयुक्त टीम से निरीक्षण कराने और 10 कार्यदिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कम पकड़े गए 202 वाहनों के बैकलॉग को दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए टास्क फोर्स के सदस्यों को लक्ष्य निर्धारित कर भेजने को कहा गया।