बांदा। गर्मी अबकी बार कई रिकार्ड तोड़ेगी। अप्रैल ने इसका एहसास करा दिया। इस माह की शुरुआत रिकार्ड तोड़ 40 डिग्री सेल्सियस से हुई। 24 घंटे में दो डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ गया। दोपहर की धूप असहनीय हो गई। सड़कों पर सन्नाटा रहा।
अन्य जगहों के मुकाबले बुंदेलखंड में वैसे भी ज्यादा गर्मी पड़ती है, लेकिन अबकी मौसम के तेवर कुछ ज्यादा ही तीखे नजर आ रहे हैं। पिछले वर्ष पहली अप्रैल को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस था। इसके पहले वर्ष 2014 में एक अप्रैल को अधिकतम पारा 34 डिग्री था।
मौसम जानकारों का मानना है कि इस वर्ष गर्मी सिर चढ़कर बोलेगी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री था। तेज धूप और गर्मी के चलते बाजार में चहल-पहल कम रही। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा।
हालांकि लू के थपेड़े नहीं चल रहे हैं। फिर भी मौसम की तेज पलटवारी से मौसमी बीमारियां बढ़ रही है। उधर, यहां कृषि विश्वविद्यालय में मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. एसएस खां ने कहा कि इस वर्ष बारिश कम होने से आर्द्रता (नमी) कम है। इसलिए गर्मी ज्यादा तेवर दिखा रही है। इससे निजात के फिलहाल आसार नहीं हैं। बीच-बीच मेें बादल, बूंदाबांदी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।