बांदा। तब्लीगी जमात के मरकज हजरत निजामुद्दीन (नई दिल्ली) में ठहरे कई लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण पाए जाने के बाद मंगलवार देर शाम यहां उरई से आई जमात के 18 सदस्यों का मेडिकल कालेज में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। साथ ही पिछले पखवारे निजामुद्दीन से लौटे दो अन्य जमातियों की भी सेहत जांची गई। जमात में किसी सदस्य में संक्रमण के लक्षण न मिलने पर मस्जिद में ही 14 दिन क्वारंटीन अवधि में रहने को कहा गया है। यह जमात निजामुद्दीन नहीं गई थी। उधर, दोनों युवाओं को क्वारंटीन अवधि बीत जाने पर घर जाने दिया गया।
निजामुद्दीन मरकज में लॉकडाउन से पहले आयोजित दीनी कार्यक्रम में शामिल हुए तमाम जमाती लॉकडाउन के बाद वहीं फंस गए थे। इनमें कई में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद इस कार्यक्रम में शामिल हुए सभी जमाती सदस्यों की पूरे देश में छानबीन शुरू हो गई। बांदा शहर की एक मस्जिद में ठहरे पड़ोसी जिले उरई (जालौन) से आए जमात के 18 सदस्यों का मंगलवार को देर रात सिटी मजिस्ट्रेट ने राजकीय मेडिकल कालेज में स्वास्थ्य चेकअप कराया। संक्रमण के लक्षण प्रतीत न होने पर उन्हें रात में ही वापस मस्जिद भेज दिया गया। साथ ही हिदायत दी गई है कि वे 14 दिनों तक क्वारंटीन अवधि में मस्जिद में ही रहें। सोशल डिस्टेंस और बचाव के अन्य तरीकों पर अमल करते रहे। बताया गया कि यह जमात निजामुद्दीन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई थी।
उधर, 10 मार्च को हजरत निजामुद्दीन से लौटे दो युवा जमातियों का भी मेडिकल कालेज में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। हालांकि इन्हें 20 दिन बीत चुके हैं। क्वारंटीन अवधि भी पूरी हो चुकी है। डाक्टरों ने चेकअप के बाद उन्हें वापस घर जाने की अनुमति दे दी। उधर, शहर व जनपद में खुफिया एजेंसी और प्रशासन ने अन्य जमातों के बारे में भी खोजबीन की, फिलहाल कोई जमात यहां नहीं मिली।