बांदा। हज यात्रा में घूमने या शौकिया खरीदारी का मौका नहीं है। यह बेहद अहम दीनी फ़रीज़ा है। दिल लगाकर पूरे वक्त अरकान की अदायगी और इबादत करें। यह नसीहत इस वर्ष हज पर जा रहे आजमीन को हज प्रशिक्षण कैंप में ट्रेनर ने दी। खानकाह इंटर कॉलेज में गुरुवार को आयोजित ट्रेनिंग कैंप में डिजिटल वॉल स्क्रीन से हज के अरकान दिखाए गए। बांदा के 35, हमीरपुर के 15 , चित्रकूट के तीन और महोबा के आठ आजमीन मौजूद रहे। कानपुर से आए मास्टर ट्रेनर मौलाना आकिब और बांदा-चित्रकूट के मुख्य हज ट्रेनर हाजी आरिफ खां ने हज के अहम अरकान की जानकारियां दीं।
महिला आजमीन को महिला मास्टर ट्रेनर ने अरकान बताए। सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य, डॉ. हाजी मोहम्मद रफीक, मुफ्ती नजीब अहमद कासमी, मुफ्ती शकील, मौलाना रियाज़, मौलाना मसर्रत (हथौरा), दारूल उलूम रब्बानिया के मौलाना ख़ुशतर रब्बानी, नवाबी जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अमीनुद्दीन, शहर काज़ी मौलाना कमरूद्दीन भी रहे। (संवाद)