फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिल पुनर्जीवित योजना पेश न करने पर बायफर बिफरा

Sun, 28 Dec 2014 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन
बंद पड़ी कताई मिल की सुनवाई कर रहे बायफर बोर्ड ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कताई मिल कंपनी प्रबंधन ने मिल को पुनर्जीवित करने की कोई ठोस योजना पेश नहीं की है।
विज्ञापन


बोर्ड ने एक और मौका देते हुए कहा है कि मिल के 4000 श्रमिकों के हित को ध्यान में रखते हुए समय सीमा में कंपनी को पुनर्जीवित करने की योजना प्रस्तुत करें।

गौरतलब है कि बांदा की इकलौती कताई मिल को प्रदेश सरकार 1992 में बंद कर चुकी है। हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए। मजदूरों का पूरा बकाया भी नहीं अदा किया गया।
विज्ञापन


अब यह मामला उद्योगों की सुनवाई करने वाले बायफर बोर्ड में चल रहा है। 14 अक्तूबर को सुनवाई में बोर्ड की बेंच ने कंपनी प्रबंधन को आदेश दिए थे कि कंपनी को पुनर्जीवित करने की ठोस योजना पेश करें लेकिन ऐसा नहीं किया गया। 23 दिसंबर को बोर्ड द्वारा जारी आदेश में इस पर कड़ी नाराजगी जताई है।

इसके जवाब में प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास संयुक्त सचिव देवी प्रसाद ने कहा है कि बीमार इकाइयों को पुनर्जीवित करने की योजना शासन की ओर से दे दी गई है। इसके लिए समय सीमा भी निर्धारित कर दी गई है।

बोर्ड में मजदूरों की पैरवी कर रहे कताई मिल मजदूर मोर्चा अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने बताया कि बोर्ड ने कंपनी और शासन से कारण पूछा है कि 27 जनवरी 2014 के आदेश के बावजूद कंपनी वाइंड अप करने की नोटिस क्यों नहीं जारी की गई?

बोर्ड ने चेतावनी दी है कि कंपनी पुनरीक्षित एनबीआरएस तीन माह के अंदर जारी करे वरना यह बेंच एसआईसीए कार्रवाई करने को मजबूर होगी।

जौनपुर के लिए भी बोर्ड ने आदेश दिया है कि आईडीबीआई बैंक बकाएदारी का परीक्षण करे और एक माह के भीतर रिपोर्ट सौंपे। बोर्ड ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 5 फरवरी 2015 निर्धारित की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें