संचारी रोगों का घर-घर सर्वे करतीं स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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बांदा। खांसी-बुखार को आम तौर पर कोरोना संक्रमण का लक्षण माना जाता है, लेकिन जनपद के लिए यह खुशखबरी है कि महामारी के इस महाशोर में भी यहां इन दोनों लक्षण वाले मरीज आधा फीसदी भी नहीं हैं। यह बात स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान सर्वे में सामने आई है।
पहली से 31 अक्तूबर तक घर-घर संचारी रोगों का सर्वे दस्तक अभियान के रूप में चल रहा है। लोगों को मच्छरजनित रोगों से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। इस सर्वे के तहत अब तक एक लाख 82 हजार 736 घरों का सर्वे किया जा चुका है। इनमें मात्र 346 लोग ही बुखार और खांसी के मरीज मिले हैं। 229 को बुखार और 117 को खांसी के लक्षण पाए गए यानी अब तक हुए कुल सर्वे में मात्र 0.18 प्रतिशत मरीज मिले हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि जनपद में 3 लाख 28 हजार 174 घरों के सर्वे का लक्ष्य है। अभियान में आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव की जानकारी दे रही हैं। आशाओं को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है। ब्लाक स्तर पर बैठकें हुई हैं।
बताया कि खांसी-बुखार वाले मरीजों की जांच कराकर इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जागरुकता पखवारे के दौरान नालियों और अन्य स्थानों पर जमा पानी में एंटी लार्वा का छिड़काव, फागिंग की जरूरत है ताकि मच्छर पनपने से रोका जा सके। सहायक जिला मलेरिया अधिकारी साहबलाल सिंह ने मच्छरों से बचाव के तरीके बताए।