बर्बाद हुई फसल निहारता जबरापुर का किसान राजकिशोर पटेल।
- फोटो : BANDA
बदौसा। कुछ देर की बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए पूरे साल का दर्द बन गई। बेमौसम हुई बारिश आफत साबित हुई। किसानों के मंसूबों पर पानी फिर गया। आमदनी तो दूर जुगाड़ या कर्ज लेकर लिए गए बीज और खाद की लागत भी गंवा बैठने की नौबत आ गई।
जबरापुर (नरैनी) के किसान झल्लूराम पटेल ने छह बीघा में गेहूं बोया था। जुताई, बीज, खाद, पानी इत्यादि में तकरीबन 36 हजार रुपये खर्च हुए। लगभग 40 क्विंटल गेहूं पैदा होने की उम्मीद थी। फसल भी अच्छी थी, लेकिन चंद मिनट की बारिश और ओला ने सारी मेहनत और मंसूबों पर पानी फेर दिया।
इसी तरह इस गांव के किसान फौजी विश्वकर्मा ने तीन बीघे में चना बोया था। करीब 11 हजार रुपये खर्च हुए थे। फसल अच्छी होने से उसका अनुमान था कि 8 क्विंटल चना पैदा होगा, लेकिन शुक्रवार की रात पड़ी मौसम की मार से सारी उम्मीदें चकनाचूर हो गईं। साल भर का घरेलू खर्च चलाना दूभर हो जाएगा। यही स्थिति रमजुपुर के रामस्वरूप समेत अन्य किसानों की है।