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जीएसटी का मौजूदा प्रारूप मंजूर नहीं

Tue, 05 Jul 2016 11:35 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संगठन की बैठक में बोलते अध्यक्ष अमित गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। जीएसटी को व्यापारियों का उत्पीड़न बता इसके मौजूदा प्रारूप में संशोधन को लेकर राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संगठन ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी। व्यापारी नेताओं ने कहा कि इस योजना का लाभ खुदरा व्यापारियों को नहीं मिलेगा।
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मंगलवार को मंडपम सभागार में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि वाणिज्य कर अधिकारी व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। केंद्र सरकार का मेक इन इंडिया बढ़े हुए टैक्स के चलते टेक इन इंडिया हो गया है। खुदरा व्यापारी आनलाइन ट्रेडिंग और ई-व्यापार के चलते कारोबार गंवा रहे हैं।

कहा कि 100 फीसदी एफडीआई देशी उद्योग की कमर तोड़ देगा। देश के लोग नौकर बनकर रह जाएंगे। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में सालाना 10 लाख रुपये के टर्नओवर वाले व्यापारी शामिल होंगे। इससे खुदरा और असंगठित क्षेत्र के व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे।
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मांग की कि जीएसटी एकमुश्त लागू की जाए, जिसकी दर 18 फीसदी से अधिक न हो। आटा, दाल, चावल जैसी चीजें इसमें शामिल न हाें। 25 लाख सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को बाहर रखें। आरोप लगाया कि जिले के वाणिज्य कर अधिकारी व्यापारियों का शोषण कर रहे हैं। उगाही की होड़ मची है। राष्ट्रीय महासचिव संदीप अग्रवाल ने कहा कि जिले मेें अपराध बढ़ा है। रात में पिकेट और गश्त ड्यूटी बढ़नी चाहिए।

वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो लाख नगद पर टीसीएस (टैक्स कलेक्शन सोर्स) लगाया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा कि यह नगद खरीद पर देना होगा पर यह किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं है। इसे वापस लिया जाए।

अध्यक्षता मनोज पुरवा ने की। जिलाध्यक्ष नरेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष अशोक ओमर, स्वागताध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव, रामकिशुन बासू अनिल छोटे, संजीव सिंह, इंदु प्रकाश गुप्ता, मुकेश गुप्ता, प्रेम गुप्ता, संजय गुप्ता, आनंद शिवहरे, श्रीकांत गुप्ता, पप्पू गुप्ता, प्रशांत शर्मा, आदित्य सिंह, सौरभ शिवहरे भी शामिल रहे।
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