केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सनसनीखेज यौन शोषण मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए दिल्ली निवासी मोहम्मद आकिब पर शिकंजा कस दिया है। इस मामले में पहले से ही फांसी की सजा पाए दंपती रामभवन व दुर्गावती के साथ आकिब तीसरा आरोपी भी है। सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह मीना ने बताया कि इस जटिल मामले में जल्द ही एक महत्वपूर्ण फैसला और आने की उम्मीद है। इसके मद्देनज़र सीबीआई अब गूगल के अधिकारियों समेत आठ अन्य लोगों के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
यह मामला एक गंभीर यौन शोषण से जुड़ा है। जिसमें पीड़ित की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सीबीआई की प्राथमिकता है। पहले से ही इस मामले में दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। अब, सीबीआई की जांच इस तीसरे आरोपित मोहम्मद आकिब पर केंद्रित हो गई है, जो कथित तौर पर इस अपराध में संलिप्त रहा है। वह दिल्ली का रहने वाला है और पेशे से इंजीनियर है। प्रथम दृष्टया जांच में यह पता चला है कि वह इन दोनों को ई-मेल के माध्यम से अश्लील सामग्री लेता था और दूसरे देशों में इसे भेजकर पैसा कमाता था। इन सबसे जो लाखों की आमदनी होती थी उसे दो हिस्सों में बांट लिया जाता था। वहीं, जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि देश के विभिन्न शहरों में कई ग्राहकों को ई-मेल के ही माध्यम से यह वीडियो भेजता था। जिससे अधिक पैसों की भी आमदनी होती थी। सीबीआई ऐसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस तरह रामभवन अश्लील कंटेंट बनवाता था और आकिब से दूसरों को भेजकर पैसे कमाता था।
सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह मीना ने बताया कि जांच एजेंसी ने इस मामले की तह तक जाने के लिए व्यापक रणनीति बनाई है। सीबीआई ने गूगल जैसी कंपनी के प्रतिनिधियों सहित एयरटेल कंपनी व एम्स के डॉक्टरों से चिकित्सीय परीक्षण की रिपोर्ट समेत कुल आठ व्यक्तियों के बयान दर्ज करने का निर्णय लिया है। गूगल के बयान से यह समझने में मदद मिल सकती है कि क्या किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया गया या डिजिटल फुटप्रिंट्स के माध्यम से कोई जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मोहम्मद आकिब की भूमिका को लेकर सीबीआई गहनता से जांच कर रही है।