बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड जारी करने की बेहद सुस्त रफ्तार पर शासन और बड़े अफसरों से आए दिन मिल रही फटकार और चेतावनियों के बाद अब कार्ड लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए राशन की दुकानों का सहारा लिया जाएगा। इन दुकानों में पात्रों के आवेदन कराए जाएंगे। इसकी शुरुआत भी हो गई है। बांदा में तिंदवारी क्षेत्र के निवाइच गांव में कोटे की दुकान से इसका आगाज हुआ है।
पूरे मंडल में गोल्डन कार्ड की प्रगति अधिकांश जिलों में बेहद फिसड्डी है। जालौन और चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में अब तक औसतन मात्र 36 फीसदी ही कार्ड बन पाए हैं। इन जिलों में 20 लाख से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है, लेकिन अभी बमुश्किल 7.32 लाख ही कार्ड जारी हो सके हैं। पांचों जनपदों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट और जालौन में सरकारी राशन की 3058 दुकानें हैं। इन सभी में कार्ड आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई तो प्रगति सुधर सकती है। बांदा जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जनपद में फिलहाल 1,38,516 परिवार इसमें पात्र पाए गए हैं। इनके बीच 6,92,500 कार्ड जारी होना है। अब तक 1,21000 परिवारों के 3,84000 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। बड़ी तादाद में अभी भी पात्रों को यह कार्ड नहीं मिल पाए हैं।
इसके मद्देनजर अब शासन ने राशन की दुकानों में भी टीमों के जरिए गोल्डन कार्ड आवेदन प्रक्रिया शुरू कराई है। डीएम आनंद कुमार सिंह ने सीएमओ समेत उपायुक्त एनआरएलएम, जिला पूर्ति अधिकारी और बीडीओ को भेजे आदेशों में कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत चिह्नित परिवारों के प्रत्येक सदस्य का गोल्डन कार्ड बनाया जाना है, लेकिन अभी कार्ड बनाने की प्रगति बेहद धीमी है। निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपस में समन्वय बनाकर प्रत्येक ग्राम सभा में राशन की दुकानों में गोल्डन कार्ड बनाने के शिविर आयोजित करें। ताकि शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाए जा सके। कार्ड आवेदन टीम के लिए कुर्सी, मेज, कंप्यूटर, नेट आदि की व्यवस्था कोटेदार करेंगे। जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी ने बताया कि कार्ड आवेदन में नेट की समस्या आ रही है। साथ ही बड़ी संख्या में चिह्नित ग्रामीण रोजगार के लिए महानगरों को चले गए हैं।
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बांदा की सभी 776 दुकानों में बनेंगे कार्ड
बांदा। जिले में कुल 776 राशन की दुकानें हैं। इन सभी में गोल्डन कार्ड आवेदन की सुविधा लागू होगी। दुकानों की ब्लॉकवार संख्या में बड़ोखर ब्लॉक में 185, कमासिन में 150, महुआ में 45, नरैनी में 135, बिसंडा में 140, बबेरू में 160, जसपुरा में 45 और तिंदवारी में 116 राशन की दुकानें हैं। (संवाद)
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कार्डधारक के पूरे परिवार का मुफ्त इलाज
बांदा। आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्डधारक परिवार के हर सदस्य को पांच लाख रुपये तक खर्च का इलाज मुफ्त मिलता है। इस योजना का लाभ चयनित अस्पतालों में ही दिया जाता है। इसमें कई निजी अस्पताल शामिल हैं। हालांकि, अक्सर शिकायतें आम हैं कि कार्डधारकों को योजना की गाइडलाइन के मुताबिक इलाज नहीं मिल पा रहा। (संवाद)
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मंडल के 19 सीएचसी, 30 पीएचसी में बन रहे कार्ड
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के चार जिला अस्पतालों सहित 19 सीएचसी और 30 पीएचसी में गोल्डन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। योजना में चयनित किए गए निजी अस्पतालों में बांदा में 2 और हमीरपुर में 3 अस्पताल हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंडल में अब तक करीब साढ़े 7 हजार कार्डधारकों का मुफ्त इलाज हुआ है। इन पर आठ करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च हुआ है। पिछले वर्ष दिसंबर तक बांदा व चित्रकूट में 22-22 सौ, महोबा में करीब 1600 और हमीरपुर में लगभग 1500 मरीजों का इलाज हुआ है। मंडल के अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आरबी गौतम का कहना है कि कोरोना की वजह से कार्ड बनाने की गति धीमी पड़ी थी। अब इसमें फिर तेजी लाई गई है। बताया कि कई चयनित पात्रों के नाम पतों का पता नहीं चल पा रहा है। (संवाद)
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राशन की दुकानों से भी तलाशे जाएंगे पात्र
चित्रकूट। राशन वितरण की दुकानों से गोल्डन कार्ड बनाने के काम में अब तेजी आई है। विभागीय अफसरों का दावा है कि इससे बहुत फायदे होंगे और पात्रों के गोल्डन कार्ड बन जाएंगे। जिले में 78,868 गोल्डन कार्ड बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 77,343 कार्ड बन चुके हैं। प्रभारी सीएमओ डा. इम्त्यिाज अहमद व जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवराज यादव ने बताया कि योजना का लाभ पात्रों तक पहुंचाने के लिए कोटेदारों की मदद ली जा रही है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम पात्रों से जरूरी कागजात आदि की औपचारिकता पूरी करेगी और फिर कार्ड बनाए जा रहे हैं। डीएसओ ने बताया कि जिले में कुल 444 राशन सामग्री वितरण की दुकानें संचालित हैं। (संवाद)
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पंचायत भवनों में बनेंगे पात्रों के गोल्डन कार्ड
महोबा। सरकारी राशन की दुकानों में आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के शासन ने आदेश जारी किए हैं। जिले में तीन लाख आठ सौ चालीस गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य था, जबकि करीब 82 हजार कार्ड बन चुके हैं। जिला पूर्ति अधिकारी सत्यप्रकाश शाक्य ने बताया कि जिले में 386 राशन की दुकानें हैं। राशन दुकानों से गोल्डन कार्ड बनाने का कोई आदेश नहीं है। सहयोग के लिए कहा गया है। गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए ग्राम पंचायत भवनों में व्यवस्था कराई जा रही है। डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि राशन की हर दुकान में कंप्यूटर व अन्य जरूरी मशीनें नहीं है। जिले की 273 ग्राम पंचायतों में से 140 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों में जन सुविधा केंद्र खोले गए हैं। शीघ्र ही शेष पंचायत भवनों में जन सुविधा केंद्रों का संचालन शुरू कर गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। (ब्यूरो)
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सवा पांच लाख के सापेक्ष एक लाख कार्ड बने
जालौन। जिले में राशन की कुल दुकानें 960 हैं, जबकि यहां सवा पांच लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक करीब एक लाख कार्ड बन चुके हैं। जिले में कुल 2,96,715 राशन कार्डधारक हैं, जिसमें शहरी क्षेत्र में 66,464 राशनकार्ड और 2,67,628 लाभार्थी है। ग्रामीण क्षेत्र में 2,30,251 राशनकार्ड और 8,86,946 लाभार्थी है। (संवाद)
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साढ़े चार लाख लक्ष्य के सापेक्ष 88 हजार बने कार्ड
हमीरपुर। जिला पूर्ति अधिकारी रामजतन यादव ने बताया कि जिले में 492 सरकारी राशन की दुकानें हैं। यहां साढ़े चार लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य था, जबकि करीब 88 हजार कार्ड बन चुके हैं। शासन के आदेश पर 15 जनवरी तक अभियान चलाया गया था, जिसमें कोटेदार राशन लेने आने वाले लाभार्थियों से आयुष्मान कार्ड के बनने के बारे में जानकारी लेते रहे। जिनके कार्ड नहीं बने थे, उनकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देकर लाभार्थी का कार्ड बनवाया गया है। कहा कि वर्तमान में उनके पास कोई आदेश नहीं हैं। यदि आदेश आता है तो वह कोटेदारों को सूचना देकर पात्र आयुष्मान कार्ड धारकों के कार्ड बनवाएंगे। (संवाद)