फोटो - 16 हादसे के बाद पीड़ितों से बयान लेती पुलिस। संवाद
पैलानी। तहसील क्षेत्र के खरेई गांव में शुक्रवार को दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। भैंस चराने गई दो मासूम बच्चियां केन नदी में डूब गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पैलानी थाना क्षेत्र के खरेई गांव निवासी चुन्नूलाल निषाद की नौ वर्षीय पुत्री श्वेता और मोतीलाल निषाद की आठ वर्षीय पुत्री जानकी रोज की तरह सुबह करीब 10 बजे भैंस चराने के लिए केन नदी किनारे गई थीं। इसी दौरान पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चली गईं। आसपास मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और दोनों की डूबकर मौत हो गई। थाना प्रभारी राजेश वर्मा ने बताया गया कि दोनों बच्चियां गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती थीं और आपस में चचेरी बहनें थीं। एक साथ दोनों की मौत से परिवार ही नहीं, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतका श्वेता पांच बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं और घटना की सूचना मिलने पर घर लौट रहा है। वहीं जानकी भी अपने परिवार में सबसे छोटी थी, उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उप जिलाधिकारी अंकित वर्मा ने बताया कि शासन की ओर से दोनों मृतक बच्चियों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।