पैतृक गांव में मृतकों के घरों की शोकग्रस्त महिलाएं।
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बांदा। देहात कोतवाली के पास गुरुवार की रात रोडवेज बस और ऑटो की टक्कर में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन वर्षीय बालिका शान्हवी की भी कानपुर ले जाते समय मौत हो गई।
उसके पिता लालबहादुर की मौके पर ही जान चली गई थी। उधर, गुरुवार की रात और शुक्रवार को सुबह सभी शवों के पोस्टमार्टम हुए। सूर्यास्त तक मृतकों के पैतृक गांव पपरेंदा में पांच शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कानपुर से आ रही रोडवेज बस ने बांदा से पपरेंदा जा रहे ऑटो को सामने से टक्कर मार दी थी। इसमें ऑटो सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। एक महिला और तीन वर्षीय बालिका समेत तीन घायल हो गए थे।
घायलों को देर रात कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया था। रास्ते में ही बालिका की भी मौत हो गई। पिता लालबहादुर की मौके पर ही मौत हो गई थी। शेष दो घायलों का कानपुर में इलाज चल रहा है।
देहात कोतवाली इंस्पेक्टर रुकुम पाल सिंह के अनुरोध पर डीएम आनंद कुमार सिंह ने सीएमओ को दो डाक्टरों के पैनल से रात में ही पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। पांच शवों का रात में, मान सिंह और शान्हवी के शवों का शुक्रवार को सुबह डाक्टर विष्णुकांत गुप्ता और डॉ. अश्वनी सिंह के पैनल ने पोस्टमार्टम किया।
पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों और अन्य लोगों का जमघट रहा। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। जिला पंचायत पूर्व सदस्य दलपत सिंह भी पहुंचे। डीएम आनंद कुमार सिंह और एसपी डा.एसएस मीणा भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए। इन्हें इनके पैतृक गांव पपरेंदा ले आया गया।