प्रदूषित पानी दिखाते समाजसेवी रामकिशुन बासु।
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बांदा। शहर मेें एक तरफ अधिकांश इलाकों मेें जहां पेयजल का संकट है वहीं कुछ इलाकों में कुओं से की जा रही आपूर्ति का पानी बेहद प्रदूषित है। दुर्गंधयुक्त और मटमैले पानी से उपभोक्ताओं में रोष फैल रहा है। जल संस्थान अभियंताओं की कुंभकरणीय नींद अभी नहीं टूट रही है। सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने कहा है कि वह शुक्रवार को खुद शहर का भ्रमण कर जलापूर्ति देखेंगे। उन्होंने जल संस्थान अभियंताओं की डीएम से शिकायत भी की है।
भीषण गर्मी में शहर के बाशिंदे पानी के लिए परेशान हैं। हैंडपंप भी नकाफी साबित हो रहे हैं। जल संस्थान अभियंता बिजली की बाधित आपूर्ति और केन नदी में पानी की कमी का रटा रटाया जवाब देकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं।
जल संस्थान अध्यक्ष मंडलायुक्त और उपाध्यक्ष जिलाधिकारी भी शहर की जलापूर्ति की ओर कुछ खास तवज्जो नहीं देर रहे। इसका भरपूर फायदा जल संस्थान उठा रहा है। शहर के कलेक्ट्रेट, अशोक लाट और सिविल लाइन जैसे वीआईपी इलाकों में संकट मोचन मंदिर परिसर में स्थित कुएं से जल संस्थान पंप के जरिए घरों मेें जलापूर्ति कर रहा है। लेकिन यह पानी बेहद गंदा और प्रदूषित है।
इस क्षेत्र के प्रमुख उपभोक्ता और अयोध्यावासी वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष रामकिशुन बासु ने बृहस्पतिवार को शाम इस कुएं से की गई जलापूर्ति का गंदे पानी का नमूना ‘अमर उजाला’ कार्यालय मेें दिखाया। उन्होंने बताया कि 24 घंटे में बमुश्किल मात्र एक घंटा ही आपूर्ति होती है। वह भी प्रदूषित। श्री बासु ने चेतावनी दी है कि इसमेें सुधार न हुआ तो वह क्षेत्र के लोगों के साथ आंदोलन करेंगे।