बांदा। चित्रकूटधाम मंडल की सीमा से जुड़े मध्य प्रदेश की घाटियों में तीन दिनों से हो रही बारिश ने गंगऊ और बरियारपुर बांधों को उफना दिया है। इससे केन नदी में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। केन का जलस्तर हर घंटे 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। शनिवार को इसके खतरे के निशान तक पहुंच जाने का अनुमान है।
शुक्रवार को शाम गंगऊ से 3 लाख 7 हजार 478 और बरियारपुर से 3 लाख 24 हजार 64 क्यूसिक पानी उफनाकर केन नदी में गिरता रहा। इस मानसूनी मौसम में यह सर्वाधिक पानी डिस्चार्ज है। नदी किनारे आबाद गांवों को अलर्ट किया जा रहा है। बारिश ने मंडल के सभी 15 बांधों का जलस्तर बढ़ा दिया है, लेकिन गंगऊ, बरियारपुर और लहचूरा बांधों को छोड़कर अन्य सभी बांध अभी काफी खाली हैं।
मध्य प्रदेश स्थित बांध क्षेत्रों के इनकैचमेंट एरिया में हो रही बारिश से गंगऊ और बरियारपुर बांध /वियर बाढ़ की हालत में हैं। दोनों बांध केन नदी में ही मध्य प्रदेश के छतरपुर व पन्ना जनपदों में बने हैं। सिंचाई विभाग के मुताबिक पहली जून से अब तक चित्रकूट मंडल में सर्वाधिक 574 मिमी वर्षा बांदा में दर्ज की गई है। महोबा में 403 मिमी, चित्रकूट में 211 और हमीरपुर में 425 मिमी वर्षा हो चुकी है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता वेद प्रकाश गोड़ ने बताया कि बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही हैं। वहां कर्मचारी तैनात हैं। फिलहाल खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं हैं।