बबेरू। कई दशकों से कटे पैर पर लाठी बांधकर खेत मेें हल चलाने वाले विकलांग वृद्ध किसान के दिन बहुर गए हैं। मीडिया में खबर बनने के बाद उपेक्षा के बीच जीवन गुजार रहे किसान को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ बुलाकर कृत्रिम पैर और व्हीलचेयर पिछले पखवारे ही दे दी थी। साथ ही पांच लाख रुपये स्वीकृत किए थे। शुक्रवार को चेक एसडीएम और नगर पंचायत चेयरमैन ने सौंप दिया।
पतवन गांव के एमपी पुरवा का 65 वर्षीय किसान देवराज पिछले करीब चार दशकों से अपने कटे दाहिने पैर में लाठी बांधकर खेत की जुताई, बुआई आदि करता था। 20 वर्ष की उम्र में उसका पैर बैल के लात मारने से खराब हो गया और काट दिया गया था। किसान के इस हौसले को पिछले माह अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। उधर, समाजसेवी आशीष सागर ने सोशल मीडिया के जरिए देवराज की पैरवी की। खबर रंग लाई और मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी के माध्यम से देवराज को लखनऊ बुलाकर तत्काल उसे कृत्रिम पैर लगवाया और व्हीलचेयर व बैसाखी दी। पांच लाख रुपये भी मंजूर किए।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत इस राशि का चेक यहां एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने देवराज को सौंपा। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष सूर्यपाल सिंह यादव, तहसीलदार सुनील कुमार और पूर्व डीडीसी व कांग्रेस नेता इंद्रजीत सिंह भी मौजूद थे। चेक पाकर खुश देवराज ने कहा कि इस पैसे से वह अपना कर्ज चुकाकर बच्चों की पढ़ाई करेगा।