खप्टिहा कलां (बांदा) । इटावा की एक कंपनी में सिक्योरिटी के रूप में 25 हजार जमा करने के बाद राजमिस्त्री से तीन लोगों को और कंपनी से जोड़ने की शर्त से निराश राजमिस्त्री ने घर आकर फंदा लगाकर जान दे दी। आत्महत्या करने से पहले उसने पत्नी से बताया कि उसके 25 हजार रुपये पानी में चले गए।
पैलानी थाना क्षेत्र के साड़ी गांव के अमान डेरा निवासी नारायण निषाद (35) ने शनिवार की रात अपने मकान की बीम में लगी सरिया में साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। पत्नी रानी देवी की नींद रात दो बजे खुली तो उसे बिस्तर से नदारद पाया। उसने ऊपर जाकर देखा तो वह सरिया से फंदा लगाए लटका था।
पत्नी रानी ने बताया कि वह इटावा गया था। वहां किसी कंपनी में उसके सिक्योरिटी के रूप में 25 हजार रुपये जमा कराए गए थे। वहां उससे तीन और लोगों को जोड़ने व 25-25 हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा गया था। इससे निराश होकर वह रात में घर आया था। घर में खाना खाने के दौरान उसने कहा था कि वह बर्बाद हो गया। उसके 25 हजार रुपये पानी में चले गए।
बड़े भाई हुनर निषाद ने बताया कि वह किस कंपनी में गया था। यह उसे नहीं मालूम। सिर्फ इतनी जानकारी है कि वह इटावा गया था। मृतक चार भाइयों में सबसे छोटा था। इटावा में रहकर राजमिस्त्री का काम करता था। मृतक नारायण के पांच पुत्र व एक पुत्री है। पुत्र रामकरन व पुत्री पूनम की शादी हो चुकी है। चौकी इंचार्ज खप्टिहा कला धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि फंदा लगाकर खुदकुशी की है। परिजन किसी कंपनी में 25 हजार रुपये लगाने की बात कह रहे हैं। अभी तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।