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स्थापना नियमावली के खिलाफ खोला मोर्चा

Thu, 28 Jul 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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विरोध दिवस संबंधी जानकारी देते आईएमए सचिव और पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। दैनिक स्थापना नियमावली-2016 के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने मोर्चा खोल दिया है। गरीब विरोधी और कारपोरेट अस्पतालों को फायदा पहुंचाने वाला एक्ट बता 30 जुलाई को पूरे प्रदेश में विरोध दिवस मनाने का एलान किया है।
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12 जुलाई को प्रदेश सरकार ने दैनिक स्थापना (रजिस्ट्रीकरण और विनिमय) नियमावली जारी की है। बृहस्पतिवार को होटल सभागार में इंडियन आईएमए पदाधिकारियों ने मीडिया के सामने एक्ट की खामियां गिनाई। सचिव डॉ. नरेंद्र गुप्ता और डॉ. अतुल सक्सेना ने बताया कि इस एक्ट से हरेक चिकित्सा संस्थान को सरकार में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। बिना रजिस्ट्रेशन वाले अस्पतालों में इलाज गैरकानूनी हो जाएगा।

मेडिकल कैंप नहीं लग सकेंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि यह एक्ट पश्चिमी देशों के मानकों के आधार पर बनाया गया है। मान्यता प्राप्त नर्सों और कर्मियों को रखना अनिवार्य होगा, जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय खुद स्वीकार चुका है कि देश में चिकित्सा सेवा कर्मियों को बेहद कमी है। पदाधिकारियों ने मांग की कि जब तक मान्यता प्राप्त कर्मी उपलब्ध नहीं हो जाते तब तक अस्पतालों को इस एक्ट से छूट दी जाए।
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एकल क्लीनिक को भी इस एक्ट से बाहर रखने की मांग की। कहा कि एकल क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। 70 फीसदी मरीजों का इलाज यही कर रहे हैं। कहा कि एक्ट लागू होने से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद रफीक और सचिव डॉ. नरेंद्र ने बताया कि 30 जुलाई को आईएमए विरोध दिवस मनाएगा।

यहां डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर एक्ट वापस लेने की मांग करेंगे। जरूरत पड़ी तो नर्सिंगहोम और क्लीनिक बंद कर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर महिला विशेषज्ञ डॉ. प्रज्ञा प्रकाश, डॉ. एसके वाजपेई, डॉ. मनोज शिवहरे, डॉ. हर्ष भार्गव, डॉ. विक्रम सिंह भी मौजूद रहे।
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