बांदा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना लागू होने से
बांदा जनपद में प्रिंट किए जा चुके लगभग सवा लाख राशन कार्ड निरस्त हो
जाएंगे। आपूर्ति विभाग में फीडिंग का कार्य तकरीबन पूरा हो चुका है। पुराने
कार्ड बदलने के लिए आपूर्ति विभाग ने नए कार्ड छपवाए थे।
छह माह
पूर्व नए राशन कार्डों के लिए आवेदन मांगे गए थे। आवेदनों की जांच करा ली
गई है। करीब एक लाख राशन कार्ड छप भी गए। इस बीच शासन से राष्ट्रीय खाद्य
सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड मुहैया कराने का फरमान आ गया। इससे इन
कार्डों की छपाई रोक दी गई।
नए निर्देशों के तहत आवेदनों की फीडिंग
तेज कर दी गई है। नए फार्मेट पर राशन कार्ड छपेंगेे। अधिनियम के तहत शहरी
इलाके में 64.43 और ग्रामीण क्षेत्रों में 79.56 फीसदी आबादी को खाद्य
सुरक्षा योजना का फायदा मिलेगा।
इस योजना के लिए शहरी क्षेत्र से
48,840 और ग्रामीण क्षेत्र से 2,27,957 परिवारों ने आवेदन किए थे। इनमें 23
हजार आवेदन अधूरे या गलत होने की वजह से निरस्त हो गए। 2,87,581 जांच के
बाद सही पाए गए हैं। इन आवेदकों को जल्द ही प्रिंट होने के बाद नए राशन दिए
जाएंगे।
राशन कार्ड धारकों को प्रति माह तीन रुपये किलो चावल और
दो रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं दिया जाएगा। 14 साल तक की उम्र के
बच्चों को पौष्टिक आहार मिलेगा। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान तथा प्रसव
के छह माह के बाद भोजन के अलावा मातृत्व लाभ भी मिलेगा। कोटेदार के यहां
अनाज न मिलने पर खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जाएगा।
राष्ट्रीय खाद्य
सुरक्षा योजना की तैयारियां पूरी हो गई हैं। जल्द ही नए राशन कार्ड बनेंगे।
पुराने राशन कार्डों के बारे में शासन से जो निर्देश मिलेगा, वैसा ही किया
जाएगा। फिलहाल जो परिवार योजना में शामिल हैं, उन्हें दूसरे प्रारूप पर
छपा कार्ड दिया जाएगा। -गौरव चौधरी, जिला पूर्ति अधिकारी, बांदा।