बांदा। पाकिस्तान की जेल में बंद चार भारतीय मछुआरों की रिहाई की उम्मीद जगी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक बातचीत के लिए कॉसुलर एक्सेस की अनुमति प्राप्त कर ली है। जल्द ही दोनों देशों के अधिकारी मछुआरों की रिहाई को लेकर चर्चा करेंगे। यह जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय के उप सचिव (पाकिस्तान) ऋषभ देव ने पूर्व सांसद को भेजे गए पत्र में दी है।
समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद विशंभर निषाद ने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि बांदा के तिंदवारी ब्लॉक के चार युवक, जो गुजरात के समुद्री तटों पर मछली पकड़ने का काम करते थे। वर्ष 2021 में पाकिस्तानी नौसेना द्वारा भारतीय सीमा के अंदर से कथित तौर पर जबरन पकड़ लिए गए थे।
ये चारों युवक पाकिस्तान की लांडी और कराची जेल में निरुद्ध हैं। मछुआरों के परिजन अपनी मुश्किल स्थिति में हैं और इन युवकों की रिहाई के लिए गुहार लगा रहे हैं। पूर्व सांसद के पत्र का संज्ञान लेते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर सक्रियता दिखाई है। विदेश मंत्रालय के उप सचिव (पाकिस्तान) ऋषभ देव ने पूर्व सांसद को भेजे अपने पत्र में बताया है कि पाकिस्तान के राजनयिकों और उच्चायोग के अधिकारियों से बातचीत के लिए कॉसुलर एक्सेस की अनुमति मिल गई है। यह अनुमति दोनों देशों के बीच कैदियों की रिहाई जैसे संवेदनशील मामलों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।