बांदा। विवादित खेत से बबूल के पेड़ काटकर ले जाने के विवाद में हुई हत्या में तीन सगे भाइयों समेत चार हत्याभियुक्तों को अदालत ने उम्र कैद की सजा दी है। तीनों भाइयों को एक-एक लाख और चौथे अभियुक्त को 30 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माने की 90 फीसदी राशि मृतक के कानूनी वारिसों को बांटी जाएगी। अदालत ने यह फैसला घटना के आठ साल बाद सुनाया।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव में 4 जुलाई 2012 को दिन में 11 बजे खेत से बबूल काटने के विवाद में बालोत्तर सिंह के दरवाजे पर हुए विवाद में सगे भाई मुन्ना सिंह, चुन्नू सिंह और कुन्नू सिंह पुत्र यदुराज सिंह तथा होरीलाल पुत्र करण सिंह ने विपक्षी दरबारी सिंह उर्फ ज्ञानेंद्र सिंह (30) पुत्र कल्लू सिंह के सिर पर राइफल से गोली मार दी। उसकी वहीं मौत हो गई। चारों हमलावर हवाई फायरिंग कर लोगों को ललकारते हुए फरार हो गए। मृतक की मां और पत्नी मौके पर मौजूद थी।
विधवा मां केतकली ने चारों के विरुद्ध हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजने के बाद रिमांड में लेकर घटना में प्रयुक्त 315 बोर राइफल और तमंचा बरामद किया। आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी ने अभियोजन की ओर से 9 गवाह पेश किए। उधर, मृतक की मां की ओर से पैरवी कर रहे फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने भी वकालत की।
मंगलवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कृष्ण यादव ने इस केस का खुली अदालत में फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने धारा 302 में चारों अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई। तीनों भाइयों को एक-एक लाख और चौथे हत्यारे को 30 हजार रुपये का जुर्माना किया। अदालत ने इस केस का बीते शुक्रवार को फैसला सुरक्षित कर लिया था। उसी दिन चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था। वे जेल में हैं।