बांदा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) प्रवीण कुमार सिंह द्वितीय की अदालत ने वर्ष 2013 के लकड़ी टाल विवाद और मारपीट के मामले में चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा।
मामला कोतवाली नगर क्षेत्र में परशुराम तालाब चमरौड़ी चौराहे के पास का है। वादी बुक्का ने 28 मार्च 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि शाम वह बेटों अमित और सुमित के साथ लकड़ी की दुकान पर था। इसी दौरान फुटा कुआं पल्हाड़ी निवासी कोदउवा उर्फ कोदू, चुनूबाद, इंद्रजीत और डिग्री कॉलेज रोड निवासी चुन्नू लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से लैस होकर पहुंचे। गाली-गलौज करते हुए मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं।
सत्र परीक्षण के दौरान वादी बुक्का और घायल गवाह अमित व सुमित न्यायालय में पेश हुए। जिरह में तीनों ने बताया कि होली के कारण कुछ अज्ञात छात्र और युवक शराब के नशे में विवाद में कूद पड़े थे। उन्होंने टाल से लकड़ी उठाकर मारपीट की थी।
गवाहों ने स्पष्ट किया कि नामजद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट नहीं की थी। उनके बीच केवल आपसी विवाद हुआ था। गवाहों ने यह भी कहा कि वकील के कहने पर आरोपियों के नाम एफआईआर में दर्ज कराए गए थे।
अदालत ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोदउवा, चुनूबाद, इंद्रजीत और चुन्नू को दोषमुक्त कर दिया।