बांदा। धोखाधड़ी के मामले में पूर्व सांसद बाल कुमार को विपक्षी से सुलह कर लेने के बाद भी न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने सुलहनामा शुक्रवार को खारिज कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक अंबिका व्यास ने बताया कि कोतवाली नगर में रमाकांत तिवारी ने पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल व लेखपाल भानुप्रताप के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। दोनों पर आरोप था कि इन्होंने बालू कारोबार में शामिल करने के नाम पर 70 लाख रुपये ले लिया लेकिन उसे कारोबार में शामिल नहीं किया। यह लोग पैसा भी वापस भी नहीं कर रहे थे। दोनों के विरुद्ध अदालत ने कार्रवाई की, लेकिन लेखपाल भानु प्रताप ने 82, 83 की कार्रवाई भी कर दी इसके बावजूद दोनों कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। पूर्व सांसद बाल कुमार ने गिरफ्तारी व जेल जाने से बचने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर अंतरिम जमानत देने की याचना की। लेकिन उच्च न्यायालय ने पैसा वापस न करने पर याचिका खारिज कर दी।
बाद में पूर्व विधायक ने उच्चतम न्यायालय में याचिका प्रस्तुत डाली। वहां से भी उनको कोई राहत नहीं मिली। बाद में पूर्व सांसद ने स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत मांगी, लेकिन कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। बाल कुमार इस समय जेल में हैं। पिछले दिनों दोनों पक्षों ने कोर्ट में सुलहनामा दाखिल किया। जिसे एमपीएमएलए कोर्ट ने अब खारिज कर दिया है।