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खदान का पर्चा : डेढ़ करोड़ कमाई, 21 लाख खर्चा

Tue, 01 Nov 2016 11:12 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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केन नदी में बने पुल से गुजरते बालू के ओवरलोड ट्रक। - फोटो : amarujala
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कोर्ट की रोक पर भले ही बालू खदानों की कमाई रॉयल्टी के रूप में प्रदेश सरकार के खजाने तक जाना फिलहाल बंद हो, पर बालू माफिया से लेकर कई विभागाें के अफसरों की जेबें बालू की कमाई से लगातार भर रही हैं। इसका ताजा खुलासा एक बालू खदान के रजिस्टर से हुआ है। रजिस्टर में अफसरों आदि को देने का मासिक खर्च 21 लाख रुपया दर्ज है। इसमें करीब तीन लाख रुपये प्रशासन पुलिस और खनिज विभाग के अफसरों के नाम चढ़े हैं। आमद में प्रति ट्रक 28 हजार रुपये की दर से रोजाना 18 ट्रकों की कुल आमदनी 5 लाख 4 हजार रुपये दर्ज है।
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सिंडीकेट से लेकर प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग की हिस्सेदारी से चित्रकूटधाम मंडल में अवैध खनन का धंधा रोके नहीं रुक रहा। एनजीटी, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के तमाम सख्त आदेश और चेतावनियां भी बौनी साबित हो रही हैं। इस धंधे के तार सीधे राजधानी लखनऊ से जुड़े हुए हैं। इक्का-दुक्का कोई ईमानदार अफसर रोकना भी चाहे तो नाकाम रहता है। खनिज विभाग के मुताबिक फिलहाल कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा। उधर, मंडल मुख्यालय से ही रोजाना सैकड़ों ओवरलोड बालू भरे ट्रक यहां से गुजर रहे हैं।

बांदा जनपद में कोई भी खदान वैध नहीं है। सभी की पट्टा अवधि खत्म हो चुकी है। जिन पट्टा धारकों को बाधित अवधि का मौका मिलना था उन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। उधर, खदानों से खनन जारी है। सोशल मीडिया में खदान के रजिस्टर के पन्नों का प्रिंट डाला गया है। इसमें खदान की खर्च और आमदनी का पूरा ब्योरा दर्ज है। मात्र एक दिन (14 अक्तूबर) की आमदनी 5 लाख 4 हजार रुपये दर्ज है। यह 18 ट्रक (दस चक्का) की है। प्रत्येक ट्रक से 28 हजार रुपये लिए गए हैं। सभी ट्रकों के नंबर भी दर्ज हैं। इसी तरह हर तारीख की दैनिक आमदनी दर्ज है।
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खर्च भी हुआ है। रजिस्टर के एक पन्ने में खर्च का ब्योरा लिखा हुआ है। इसमेें खास बात यह है कि अधिकारियों और उनके स्टेनो, लेखपाल आदि को दी गई रकम भी दर्ज है। तीन अक्तूबर तक का खर्च 21,32, 670 रुपये दर्ज है। संभवत: सितंबर माह का है। रोजाना 18 ट्रक की आमदनी भी मान ली जाए तो मासिक आमदनी डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा होती है। जबकि खर्च सिर्फ 21 लाख है। रजिस्टर हालांकि कुछ बालू माफिया इस रजिस्टर को एमपी का बता रहे हैं।

खदान के रजिस्टर में अफसरों के नाम चढ़ी रकम और खर्च की बाबत अपर जिलाधिकारी और प्रभारी अधिकारी खनिज गंगाराम गुप्ता का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि यह रजिस्टर किस जिले या प्रदेश की खदान का है। मध्य प्रदेश से आने वाले बालू ट्रकों की सघन चेकिंग होगी। उन पर लोड बालू की मात्रा और फार्म-38 गहनता से चेक किए जाएंगे। चेक पोस्ट बनेगी। इसमें राजस्व, पुलिस, खनिज, परिवहन और व्यापार कर विभाग के अधिकारी शामिल रहेेंगे। एडीएम ने कहा कि एक-दो दिन में यह व्यवस्था मैनेज हो जाएगी। उन्होंने अफसरों को कोई भी पैसा दिए जाने की बात को पूरी तरह गलत बताया।
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