फोटो - 04 बिना गेट वाली खबर से उतरती महिला यात्री। संवाद
- फोटो : हाथ में काली पट्टी बांधकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक।
बांदा। बांदा और अतर्रा में रोडवेज बसों में सुरक्षा और यात्री सुविधाओं की घोर अनदेखी का मामला सामने आया है। महोबा से बांदा डिपो पहुंची एक रोडवेज बस में दरवाजा न होना और दूसरी बस में फर्स्ट एड बॉक्स का न पाया जाना, परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
दोपहर 12:10 बजे महोबा से सवारियां लेकर बांदा डिपो पहुंची रोडवेज बस में यात्रा के दौरान दरवाजा ही नहीं था। यात्रियों के उतरने के बाद जब बस पुनः महोबा जाने के लिए तैयार हुई तो यात्रियों ने दरवाजा गायब देखा। चालक से जानकारी करने पर पता चला कि बैरिंग टूटने से दरवाजा रास्ते में ही निकल गया था। हैरानी की बात यह है कि बांदा डिपो में वर्कशॉप होने के बावजूद, स्टाफ ने दरवाजे को वहीं ठीक कराना उचित नहीं समझा और बस को नंबर पर लगा दिया।
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फर्स्ट एड बॉक्स भी नदारद: आपातकालीन स्थिति में क्या होगा
अतर्रा बस स्टैंड पर मंगलवार दोपहर 1:21 बजे रोडवेज बस में फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं पाया गया। बस के कंडक्टर संतोष ने इस बारे में अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि विभाग द्वारा उन्हें कोई फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं, बस ड्राइवर अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें इस साल कोई दवा नहीं मिली है, जबकि बहुत पहले दवाएं मिलती थीं। परिवहन विभाग की इस लापरवाही के चलते बसें बिना फर्स्ट एड बॉक्स के सड़कों पर दौड़ रही हैं।
वर्जन
रोडवेज बसों में मिलने वाली कमियों को सुधारा जा रहा है। जल्द ही सभी सुविधाओं से लैस दिखेंगी बसें। यात्रियों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।
- रामलवट औलट , प्रभारी आरएम
फोटो - 04 बिना गेट वाली खबर से उतरती महिला यात्री। संवाद- फोटो : हाथ में काली पट्टी बांधकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक।