फोटो- 06 मवई गांव स्थित निर्माणाधीन खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला। संवाद
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के मवई गांव में बन रही मंडलीय खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इस परियोजना को मार्च 2023 तक पूरा होना था, लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद काम अधूरा है। इसके कारण जिले सहित पूरे मंडल की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शासन ने दिसंबर 2021 में चित्रकूटधाम मंडल की जरूरतों को देखते हुए इस प्रयोगशाला को मंजूरी दी थी। इसकी लागत 23.58 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को सौंपा गया था। योजना के अनुसार भवन निर्माण और आवश्यक सुविधाएं मार्च 2023 तक पूरी हो जानी चाहिए थीं। हालांकि, प्रयोगशाला भवन और आवासीय परिसर का निर्माण अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य अभी करीब 90 फीसदी तक ही पहुंच पाया है। फर्नीचर लगाने का काम चल रहा है और उपकरणों की स्थापना भी बाकी है। जिले के लगभग 100 से ज्यादा खाद्य नमूने जांच के लिए लंबित पड़े हैं। यदि मंडलीय प्रयोगशाला पूरी तरह चालू हो जाती है तो नमूनों की जांच 24 घंटे के भीतर संभव हो सकेगी। इससे खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकेंगे।
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प्रयोगशाला भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। फर्नीचर लग रहा है। अब टेस्टिंग मशीनों की स्थापना का कार्य किया जाना है। शासन स्तर से दो लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति भी कर दी गई है। जल्द ही अन्य स्टाफ की तैनाती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सत्यप्रकाश श्रीवास्तव
सहायक आयुक्त (खाद्य), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन,बांदा।