ब्लाक प्रमुख कलेक्ट्रेट में डीएम से मिलने का इंतजार करते।
बांदा। संघ गठित करने के बाद ब्लाक प्रमुखों ने अधिकारों में इजाफे के लिए प्रदेश सरकार पर दबाव बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी हैं। प्रमुखों ने पहला कदम उठाते हुए शुक्रवार को छह सूत्री मांग पत्र प्रशासन के जरिये मुख्यमंत्री को भेजा है। क्षेत्र पंचायत एक्ट का हवाला देकर विभागों के प्रशासनिक अधिकारों के नियंत्रण का अधिकार मांगा है। लगातार आंदोलन के बाद भी मांगें पूरी न होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है।
ब्लाक प्रमुखों ने हाल ही में अपना संघ गठित किया है। शुक्रवार को संघ पदाधिकारियों और सदस्यों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। कहा कि वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार न होने से वह अपने को असहाय महसूस कर रहे हैं।
ब्लाकों को अलग बजट और योजनाओं का अनुमोदन ब्लाक प्रमुख द्वारा कराने की मांग की। यह भी कहा है कि ब्लाक प्रमुख की संस्तुति पर विकास क्षेत्र में कम से कम पांच ग्रामीण आवास और 50 इंडिया मार्का हैंडपंप हर साल दिए जाएं।
ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री को यह ज्ञापन भेजकर आंदोलन की शुरुआत की गई है। अब अगले चरण में आठ अगस्त (सोमवार) को सभी क्षेत्र पंचायत मुख्यालयों में ताला बंदी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन व डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। 19 अगस्त को मंडल स्तर पर प्रदर्शन और ज्ञापन होगा।
पांच सितंबर को लखनऊ में प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन होगा। प्रमुखों ने कहा कि इसके बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो सभी ब्लाक प्रमुख सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। ज्ञापन देने वालों में ब्लाक प्रमुख संघ जिलाध्यक्ष शशि यादव, संरक्षक कलमतिया यादव, सचिव सादिका खातून सहित अवधेश सिंह (नरैनी), सुमन यादव (बबेरू) आदि शामिल रहे।