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Banda News: पहले बसाया, फिर कमाया और अब कहां जाएं फुटपाथ के दुकानदार

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अशोक स्तंभ तिराहे पर हथठेलिया पर फल बिक्री करते दुकानदार। - फोटो : संवाद
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बांदा। शहर में फुटपाथ पर दुकानें लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दो दशक पूर्व तक प्रतिदिन इन दुकानदारों से फुटपाथ का किराया वसूला गया। अभी कुछ महीनों पूर्व ही नगर पालिका की ओर से सभी फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले हथठेला संचालकों और गुमटी रखे लोगों के कार्ड बनाए गए। इन्हें कार्ड इसलिए दिया गया कि फुटपाथी दुकानदार के रूप में इन्हें पहचाना जा सके और कोई भी इन्हें अपने रोजगार से अलग न करे।
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इधर, सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी के साथ शुरू हो गया है। सड़क चौड़ीकरण शुरू होने से मुख्य सड़क के दोनो ओर से 7-7 मीटर फुटपाथ को उखाड़कर सड़क बनाने का काम किया जा रहा है। इससे फुटपाथ पर दुकानें लगाने की अब जगह नहीं बची है। दुकानदारों का कहना है कि सड़क बनाए जाने से उन्हें ऐतराज नहीं है, लेकिन अब वह अपनी दुकानें कहां लगाएंगे, इस ओर प्रशासन कोई कारगुजारी करता नजर नहीं आ रहा है। पिछले तीन दिनों से सड़क चौड़ीकरण के कार्य में तेजी आने से फुटपाथिया दुकानदारों की रोजी-रोटी ठप पड़ी हुई है। सभी प्रशासन की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं।

तमाम दुकानदारों ने ले लिया ऋण
बांदा। फुटपाथ पर गुमटी रखकर रोजगार करने वाले दुकानदारों में तमाम लोगों ने कई योजनाओं के तहत रोजगार संचालन के लिए ऋण ले लिया है। सड़क चौड़ीकरण होने की वजह से फुटपाथिया दुकानदारों का काम ठप है। दुकानदारों का कहना है कि अगर उनका रोजगार ही नहीं रहा तो वह ऋण की भरपाई कैसे करेंगे। जिला प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन दुकानें लगाने के लिए स्थान चिन्हित करें।
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दुकानदारों ने बताई परेशानी

फोटो27- सुरेंद्र श्रीवास्तव
गुमटी से होता है परिवार का भरण-पोषण
दो दशक का समय गुजर गया। फुटपाथ पर ही गुमटी रखकर वह रोजगार करते हैं, इसी रोजगार से उनके परिवार का भरण पोषण होता है। रोजगर संचालन के लिए ऋण भी लिया है, जब रोजगार ही नहीं रहेगा तो ऋण कैसे भरेंगे। - सुरेंद्र श्रीवास्तव, गुमटी संचालक अशोक स्तंभ तिराहा, बांदा


फोटो 28- शिवविलास गुप्ता
नगर पालिका ने नहीं दीं दुकानें

- 20 वर्ष से अधिक समय से फुटपाथ पर हथठेला लगाकर रोजगार कर रहे हैं। जब फ्लाईओवर का निर्माण हुआ तो सुना था कि नगर पालिका पुल के नीचे दुकानें बनाकर आवंटित करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हम कहां बैठकर रोजगार करें, नगर पालिका बताए। -शिवविलास गुप्ता, गुमटी संचालक, अशोक स्तंभ तिराहा, बांदा


वर्जन
फुटपाथिया दुकानदारों के लिए कोई न कोई स्थान चिह्नित करते हुए उन्हें बसाया जाएगा, ताकि वह अपना रोजगार कर जीवन यापन कर सकें। हालांकि, अभी तात्कालिक तौर पर कोई व्यवस्था नहीं है। जल्द ही कार्रवाई होगी। -नीलम चौधरी, ईओ, नगर पालिका, बांदा।
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