बांदा। चित्रकूट जेल में नियमों को ताक पर रखकर अब्बास अंसारी की पत्नी निखत से मुलाकात मामले में हिरासत में लिए गए जेलर संतोष कुमार की माफिया मुख्तार अंसारी से भी नजदीकी रही है। इसी वजह से वह विधायक अब्बास अंसारी पर भी मेहरबान थे। अब एसआईटी पूछताछ में जुटी है कि जेल में तय नियमों की अनदेखी आखिर क्यों की गई।
करीब छह माह पहले बांदा कारागार के अधीक्षक बीरेंद्र कुमार के अवकाश पर जाने के बाद जेलर संतोष कुमार को यहां का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। बांदा जेल में मुलाकात के बाद संतोष कुमार मुख्तार के करीबी हो गए। बांदा में उन्होंने मुख्तार को जेल मैन्युअल के विपरीत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। इसका खुलासा तत्कालीन जिलाधिकारी हीरालाल और एसपी के जेल में छापेमारी में मुख्तार की बैरक में बाहर से मंगाया गया खाना व अन्य सामान मिलने पर हुआ था।
शासन ने एक डिप्टी जेलर को निलंबित भी किया था। छापेमारी के दौरान तत्कालीन कारागार अधीक्षक बीरेंद्र कुमार व जेलर प्रमोद तिवारी अवकाश पर थे। तब चित्रकूट के जेलर संतोष कुमार प्रभारी कारागार अधीक्षक के रूप में कार्य देख रहे थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्तार को सुविधाएं देने के बदले संतोष को डबल डोर फ्रिज समेत अन्य कीमती सामान तोहफे में मिला था।
यही वजह है कि चित्रकूट में जेलर रहते हुए उन्होंने मुख्तार के विधायक बेटे अब्बास को सुविधाएं देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जेलर संतोष पर आरोप है कि इनकी मदद से चित्रकूट जेल में अपराधी अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निखत बानो और उनके सहयोगी जेल में अवैध गतिविधियां चला रहे थे। इसके बाद कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है।
वर्तमान में कारागार अधीक्षक अविनाश गौतम का कहना है कि मामला बहुत संगीन है। कुछ भी बताने की मनाही है। उन्होंने हाल ही यहां पर चार्ज संभाला है। पहले यहां पर क्या हुआ जानकारी नहीं है।