बांदा। पंचायत चुनाव में पहली बार मतपत्रों पर उर्दू भी नजर आई। मुस्लिमों को लगातार रिझाने वाले कामों में जुटी राज्य की सपा सरकार के राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के मतपत्रों में चुनाव चिन्ह का नाम पहली बार हिंदी के साथ उर्दू में भी प्रिंट किया।
उर्दू प्रेमियों को यह खुशगवार लगा। अभी भी गांवों में ऐसे मतदाताओं की बड़ी जमात है जो मदरसों और घरों में उर्दू पढ़े हैं। हिंदी नहीं जानते। पंचायत चुनाव के मतपत्रों में प्रत्याशी का नाम अंकित नहीं था। सिर्फ चुनाव चिन्ह प्रिंट था। उसी के आगे हिंदी, उर्दू शब्दों में चुनाव का चिन्ह का नाम लिखा गया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में उर्दू को दूसरी राज्य भाषा का दर्जा हासिल है।