माहे रमजान में इबादत के बाद दुआ के लिए उठे मासूमों के हाथ।
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बांदा। रमजान माह का पहला अशरा (10 दिन) खत्म होने को है। सोमवार (4 मई) को 10वां रोजा इफ्तार के साथ ही यह अशरा विदा हो जाएगा। इसे रहमत का अशरा माना जाता है। मंगलवार को 11वें रोजे से दूसरे अशरे की आमद होगी।
उधर, रोजा के साथ इबादत और तिलावत में भी और तेजी आ रही है। लॉकडाउन में घरों में रहने को मजबूर रोजेदार अपनी इस बंदिश का पूरा इस्तेमाल रमजान माह की इबादत में कर रहे हैं।
दो-तीन दिन हुई बारिश और आंधी से तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट आ जाने से रोजेदारों को काफी राहत मिली लेकिन अब फिर तपिश परवान चढ़ रही है। शनिवार को 8वां रोजा 41 डिग्री तापमान में बीता।
करीब 15 घंटे का लंबा रोजा रोजेदारों ने रखा। रोजा, इबादत और तिलावत में बच्चे भी पीछे नहीं हैं। अपने घरवालों के साथ यह दिनभर रोजा और सभी नमाजें अदा कर रहे हैं। नन्हें हाथ दुआओं के लिए उठ रहे हैं। शाम को इफ्तार के वक्त घरों में यह नजारा काफी दिलचस्प हो जाता है। पूरा कुनबा इफ्तार से पहले दुआएं करता है। बड़े, बूढ़े, बच्चे, मर्द, औरत सब एक साथ इफ्तार कर रहे हैं।