बांदा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं के साथ मिलकर 30 लाख रुपये की गड़बड़ी करने के मामले में सीडीओ ने तत्कालीन बीएमएम समेत पांच कर्मचारियों से जवाब मांगा है। तीन दिन में जवाब सही न मिलने पर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर रिकवरी की जाएगी।
बड़ोखर खुर्द ब्लाक में ब्लॉक मिशन मैनेजर आकांक्षा कुशवाहा ने ग्राम संगठन अध्यक्ष डिंगवाही निवासी कमलेश राजपूत और सचिव के साथ मिलकर समूह की महिलाओं को करीब 30 लाख रुपये का चूना लगाया है। ठगी का शिकार गुरेह, सुहाना, सरबई और डिंगवाही की महिलाओं ने डीएम से मामले की शिकायत की थी।
आरोप लगाया कि बीएमएम आकांक्षा ने पहले नियम विरुद्ध सीएलएफ का पैसा महिलाओं के खाते में चार से पांच लाख रुपये भेजे। करीब एक माह बाद उनसे कहा कि गलती से सरकारी पैसा उनके खाते में आ गया है। बैंक से रुपये निकाल कर दें, जिससे इसे वापस जमा किया जा सके।
महिलाओं का कहना है कि वह बीएमएम की मंशा नहीं समझ सकीं और बैंक से नकद रुपये निकालकर उनको थमा दिए। इसकी कोई रसीद व लिखा पढ़ी भी नहीं हुई। इसके बाद ब्लाक मैनेजर ने नौकरी छोड़ दी। करीब एक वर्ष बाद पांच जुलाई को इन महिलाओं के पैसा न जमा करने पर रिकवरी नोटिस पहुंचा। एनआरएलएम का नोटिस देखकर महिलाओं के हाथ-पांव फूल गए। महिलाओं का कहना है कि चार-पांच लाख रुपये वह कहां से जमा करेंगी। बीएमएम पैसा देने के बजाय धमका रही हैं। अधिकारियों से गुहार लगाई तो वह सुबूत मांग रहे हैं।
उधर, डीएम के निर्देश के बाद सीडीओ ने मामले की जांच कराई तो तत्कालीन बीएमएम आकांक्षा व संगठन अध्यक्ष कमलेश सहित पांच महिलाएं दोषी पाई गईं। एनआरएलएम उपायुक्त के माध्यम से सीडीओ ने इन सभी को नोटिस भेजकर तीन दिन में जवाब मांगा है। इसके बाद सभी के खिलाफ एफआईआर कराने और धनराशि की रिकवरी कराने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन-
-बड़ोखर खुर्द ब्लाक में पूर्व में तैनात रहीं बीएमएम आकांक्षा समेत पांच महिलाएं दोषी पाई गई हैं। इनसे जवाब मांगा गया है। तीन दिन में सही जवाब नहीं मिलता तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और पूरी धनराशि की इनसे वसूली होगी।-वेद प्रकाश मौर्या, मुख्य विकास अधिकारी, बांदा