बांदा। पैतृक भूमि के राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर नाम बदलने के मामले में कोर्ट के आदेश पर मरका थाना पुलिस ने तत्कालीन लेखपाल समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया है। आरोप है कि कागजात में हेराफेरी कर शिकायतकर्ता की मां का नाम हटाकर दूसरे पक्ष का नाम दर्ज करा दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
तिंदवारी के विकास नगर निवासी देवेंद्र सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी नानी महाविरिया के नाम ग्राम गुजेनी में गाटा संख्या 1243 की भूमि दर्ज थी। आरोप है कि तत्कालीन लेखपाल रामलाल ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करते हुए उनकी मां के अधिकारों की अनदेखी कर दूसरे पक्ष के नाम दर्ज करा दिए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने पहले 10 फरवरी 2026 को मरका थाना और बाद में 23 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर अब मरका थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन लेखपाल रामलाल, भूरी उर्फ मुड्डी, विजय बहादुर, कमलनयन सिंह पटेल और प्रकाशवती को नामजद किया है।
प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि 20 नवंबर 2025 को नायब तहसीलदार मरका की जांच में भी राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी की पुष्टि हुई थी। इसके बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।