बांदा। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के अर्तरा रोड स्थित बहुचर्चित भाई-बहन आत्महत्या कांड में आखिरकार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जमीन के बैनामे से शुरू हुआ पारिवारिक विवाद अब आपराधिक मुकदमे में बदल चुका है। पुलिस ने जांच के बाद नामजद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी और उत्पीड़न की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामले की जड़ वर्ष 2010 की वह रजिस्ट्री बताई जा रही है, जिसमें चाचा रामदास ने अपने हिस्से की जमीन 3.40 लाख रुपये में भतीजों के नाम कर दी थी। परिवार ने वर्षों की मेहनत से उस जमीन को संवारकर दुकान निर्माण शुरू किया लेकिन बाद में हिस्सेदारी को लेकर विवाद गहराया। आरोप है कि चाची सुधा गुप्ता ने सिविल वाद दायर किया और अदालत से अपने पक्ष में फैसला आने के बाद जमीन व दुकान में हिस्सेदारी की मांग तेज कर दी।
परिजनों का कहना है कि इसी विवाद के चलते आनंद प्रकाश और उनकी बहन चंचल गुप्ता को लगातार धमकाया गया। 25 जनवरी की शाम सार्वजनिक रूप से रोककर कथित गाली-गलौज और पूरे परिवार को खत्म कर देने की धमकी दी गई। इसके अगले ही दिन, 26 जनवरी को दोनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मरने से पहले बनाया गया वीडियो अब इस केस का सबसे अहम सबूत माना जा रहा है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। वीडियो की फॉरेंसिक पड़ताल कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसमें लगाए गए आरोप कितने प्रमाणिक हैं। सूत्रों के मुताबिक नामजद आरोपियों से पूछताछ की तैयारी चल रही है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान भी केस डायरी का हिस्सा बनाए जा रहे हैं।
इस आत्महत्या कांड ने इलाके में जमीन विवादों के खतरनाक रूप को उजागर कर दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। नरैनी पुलिस ने दिवंगत भाई-बहन के भाई ज्ञान प्रकाश की तहरीर पर चाची सुधा गुप्ता समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी संदीप तिवारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जल्द ही आरोपियों से पूछताछ व गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।